माया-अखिलेश की जोड़ी बिगाड़ेगी भाजपा का खेल?

लखनऊ ¦ रामधारी यादव

2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा को मात देने के लिए कभी एक दूसरे के धुर विरोधी रहे सपा बसपा एक बार फिर से आखिरकार 25 साल बाद साथ आ गये हैं और आम चुनावों में गठबंधन के साथ उतरने को लेकर दोनों पार्टियों ने एलान कर दिया कि वह प्रदेश की 38-38 लोकसभा सीटो पर अपने प्रत्याशी उतारेंगे.

Sp & bsp

बारह साल उन्होंने हमें डराया : मोदी

इस गठबंधन की घोषणा सूबे की राजधानी लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि एसपी-बीएसपी 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी जबकि कांग्रेस को इस गठबंधन से बाहर रखा गया है और दो सीटें अन्य के लिए रखा गया है. इस बीच बसपा सुप्रीमों मायावती ने दावा किया कि जिस तरह हमने 1993 में मिलकर भाजपा को हराया था उसी तरह इस बार भी हम भाजपा को मात देंगे.

हालांकि इस दौरान बसपा सुप्रीमों मायावती के चेहरे पर 1995 में हुए गेस्टहाउस काण्ड की कसक साफ़ तौर पर दिखी और अपने इस दर्द को वो छुपा नहीं पाई और 2 बार इस बात का जिक्र किया हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह जनहित के मुद्दो और सांप्रदायिक भाजपा को हराने के लिए हम सपा के साथ गठबंधन करेंगे. बसपा सुप्रीमों ने भाजपा पर देश में अराजकता का माहौल फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी यह कांफ्रेंस गुरु चेले यानि कि पीएम मोदी और अमित शाह की नीद हराम हो जायेगी. और हमारा यह गठबंधन देश की राजनीति में नया इसतिहास और कीर्तिमान स्थापित करेगा

पेट्रोल और डीजल को दामों में लगातार तीसरे दिन वृद्धि
वहीँ दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने इस गठबंधन को लेकर बड़ा एलान करते हुए कहा कि मायावती का सम्मान मेरा सम्मान है और उनका अपमान मेरा अपमान होगा जो किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे इस गठबंधन से भाजपा पूरी तरह से घबरा गयी है और हमारे इस गठबंधन को निष्फल बनाने के लिए भाजपा साजिश रच सकती है. लेकिन हमें एक साथ मिलकर भाजपा की हर साजिश को नाकाम करना है. इस बीच अखिलेश यादव ने भारोशा जताया कि आगामी समय में हमारा गठबंधन और अधिक मजबूत होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *