प्रयागराज कुम्भ के लिए दिल्ली की जनता को किया आमंत्रित

  • राज्य सरकार कुम्भ के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए कटिबद्ध
  • ’अक्षय वट’ और ’सरस्वती कूप’ पहली बार दर्शकों के लिए खुले

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्व. प्रभार) सुरेश राणा ने प्रेस कान्फ्रेन्स कर 15 जनवरी, 2019 से प्रारम्भ हो रहे कुम्भ की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए दिल्ली की जनता को प्रयागराज कुम्भ-2019 में आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि कुम्भ भारत की महान परम्परा का प्रतिनिधित्व करता है। 15 जनवरी, 2019 से प्रयागराज में प्रारम्भ हो रहे कुम्भ के माध्यम से सर्वसाधारण को अपने अतीत के साथ एक बार फिर जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। देश के अन्दर चार स्थानों पर यह पवित्र आयोजन सम्पन्न होता है जिसमें प्रयागराज का कुम्भ अपने आप में देश और दुनिया के लिए अलग ही कौतूहल एवं आकर्षण का विषय बनता है।

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सरकार के प्रयासों एवं भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के सहयोग से साढ़े चार सौ वर्षों में प्रथम बार कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को ‘अक्षय वट’ और ‘सरस्वती कूप’ के दर्शन का अवसर सुलभ होगा। कुम्भ का आयोजन त्रिवेणी संगम पर होता है किन्तु इसका सम्बन्ध सम्पूर्ण प्रयागराज क्षेत्र से है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा कुम्भ से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्बन्धित सभी स्थलों का सौन्दर्यीकरण कराया गया है। कुम्भ में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए जल, थल और नभ से आने की पहली बार व्यवस्था की गयी है।

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राज्य सरकार कुम्भ के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए कटिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा इस आयोजन की प्रकृति के अनुरूप प्रयागराज कुम्भ-2019 का नया ‘लोगो’ भी लान्च किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा इस कुम्भ में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा तथा इस आयोजन में उनके सुखद अनुभव को विशेष प्राथमिकता दी गयी है। राज्य सरकार द्वारा कुम्भ के आयोजन को भारत की सनातन और समावेशी संस्कृति का प्रतिनिधि आयोजन बनाने की परिकल्पना प्रयागराज में साकार की जा रही है। कुम्भ के माध्यम से भारतीय संस्कृति के उन्नत जीवन, आचार और विचार से दुनिया को परिचित कराने का प्रयास इस आयोजन का लक्ष्य है।

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मेले में प्रथम बार 10,000 व्यक्तियों की क्षमता युक्त गंगा पण्डाल, 2000 क्षमता का एक प्रवचन पण्डाल, 1000 क्षमता के 4 सांस्कृतिक पण्डाल स्थापित किये जा रहे हैं, जिनमें सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार होते रहेंगे। 20,000 आम श्रद्धालुओं के लिए प्रथम बार यात्री निवास आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, उ.प्र. के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार सिंह एवं अपर मुख्य सचिव सूचना, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रयागराज कुम्भ में की गई तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी।

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