टेलीविजन ने मुझे मैच्योर बनाया : मनोज जोशी

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बहुप्रतिभाशाली अभिनेता मनोज जोशी का हिंदी, गुजराती, मराठी रंगमंच, फिल्मों और टेलीविजन में एक बड़ा नाम है. वे ज्यादातर अपनी कॉमिक भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं. फिलहाल वह सोनी सब के शो ‘मंगलम दंगलम- कहीं प्यार कहीं वार’ में संजीव सालेचा का किरदार निभाने जा रहे हैं. पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश:-


‘मंगलम दंगलम’ में अपने किरदार के बारे में बताएं?
मेरा किरदार, संजीव सकलेचा, शादी के साजो-सामान और एसेसरीज की दुकान का मालिक है. वह अपनी दुकान में दूल्हा और दुल्हन से जुड़ी कई सारी चीजें बेचता है. वह अपनी बेटी को लेकर बहुत ही पजेसिव है, इसलिए कोई लड़का उसकी बेटी को घूरे या उसके आस-पास भी हो तो वह बर्दाश्त नहीं कर पाता. हर पिता आमतौर पर उसकी तरह नजर आता है लेकिन एक स्तर पर वह कुछ ज्यादा ही प्रोटेक्टिव है. यह शो मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में रहने वाले परिवार की कहानी कहता है, हालांकि इस तरह के पिता हर 5वें या छठे घर में आपको मिल जाएंगे. भारत में हर व्यक्ति और परिवार, इस शो और उसके किरदारों से खुद को जोड़ सकेगा.
इस तरह के रवैये की वजह, अतीत में उसकी बहन के साथ हुई कोई घटना है, जिसकी वजह से वह अपनी बेटी के लिए भी चिंतित हो जाता है. वैसे वह बहुत अच्छा और महत्वाकांक्षी किरदार है, जोकि पूरे परिवार का आधार है. अपनी बेटी के लिए इतना पजेसिव होना, अपनी पत्नी के साथ बात करने का तरीका, अपनी मां के लिए प्यार, उसे अलग बनाता है. संजीव सकलेचा और उसके जमाई के बीच का रिश्ता बिल्ली-चूहे की याद दिलाता है. दरसअल, संजीव अपने आपको ‘दसवां ग्रह’ कहता है.

आपको क्या लगता है, यह शो टेलीविजन के बाकी शोज़ से किस तरह अलग है?
मैं कहना चाहूंगा कि इस शो में हर तरह के इमोशन हैं. बेशक, उसमें ह्यूमर है, जोकि इस शो का मुख्य हिस्सा है. उसमें उदासी, हिम्मत, प्यार और काफी कुछ है, जो इसे एक कम्प्लीट पैकेज बनाता है. ‘मंगलम दंगलम’ आपको हंसाते हुए, आपके दिल को छुएगा.

इस भूमिका को करने की कोई खास वजह रही?
सबसे बड़ी वजह यह रही कि उस समय से जब बहुत सारे चैनल नहीं हुआ करते थे, इस माध्यम से जुड़े रहने के बावजूद, टेलीविजन पर इस तरह का किरदार नहीं देखा है. मैंने अलग-अलग विषय के कई सारे सीरियल के लिए काम किया है. मैं शो इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि मैंने टेलीविजन पर कॉमिक भूमिकाएं नहीं निभाई हैं खासतौर से इतने सारे रंगों और भावनाओं से भरा किरदार. मुझे लगता है कि टेलीविजन ने मुझे एक परिपक्व अभिनेता बनाया है. मैं थियेटर से आया हूं, लेकिन इस माध्यम ने मुझे सिखाया कि सीमित समय में कैसे रचनात्मक रूप में खुद को पेश करना है. संजीव सकलेचा एक बहुत ही अलग किरदार है, जो मुझे लगता है कि एक पारंपरिक भारतीय पिता की छवि पेश करता है. यही वजह थी कि मैंने इसे स्वीकार किया. वह अंदर से बहुत भावुक है और बाहर से सख्त. मैंने टेलीविजन पर ऐसा किरदार नहीं निभाया.

आप संजीव सकलेचा के साथ खुद को कैसे जोड़ पाते हैं?
हम दोनों में ज्यादा समानताएं नहीं हैं, लेकिन मैं अपने बच्चों के लिए प्रोटेक्टिव हूं. आज भी जब रात में वह 10.30/10.45 बजे घर आते हैं, मैं संजीव सकलेचा की तरह ही उन्हें कॉल करता हूं. मैं उन पर भरोसा करता हूं, लेकिन मुझे फिक्र रहती है.

क्या आप अपने दर्शकों को कोई मैसेज देना चाहेंगे?
मैं दर्शकों से कहना चाहूंगा कि यह शो निश्चित रूप से अन्य कॉमेडी शोज़ से अलग है, जितना कि अब तक मैंने देखा है और यह किसी न किसी से जुड़ा होगा. मैं सबसे यह निवेदन करना चाहूंगा कि वह ‘मंगलम दंगलम’ को देखें. यह निश्चित रूप से उनकी जिंदगी में ‘मंगल’ लेकर आएगा. (हंसते हुए)

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