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कहीं आपको भी न हो जाए गर्मियों में फूड पॉइजनिंग

गर्मियां आते ही पेट से जुडी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। इससे बचने के लिए कुछ उपाय आजमाएं ताकि इन समस्याओं से दूर रहा जा सके।

कहीं आपको भी न हो जाए गर्मियों में फूड पॉइजनिंग
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उदय सर्वोदय

गर्मियां आते ही पेट से जुडी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। उल्टी, दस्त, अपच होने के साथ साथ फ़ूड पॉइजनिंग की समस्या भी होती रहती है। इससे बचने के लिए कुछ उपाय आजमाएं ताकि इन समस्याओं से दूर रहा जा सके। बढ़े हुए तापमान की वजह से कई खाद्य पदार्थ हैं जो जल्दी खराब हो जाते हैं और उनमें कई तरह के कीटाणु तेजी से पनपते हैं। नतीजन फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इस मौसम में बाहर के भोजन की गुणवत्ता और उसका ताजा होना सुनिश्चित करना बहुत ही कठिन है। कई घरों में बासी चीजों को फेंकने के बजाय खाकर खत्म करने की प्रवृत्ति होती है जो कई बार फूड पॉइजनिंग की वजह बन जाती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि मौसम के आधार पर हम कुछ चीजों के रखरखाव में बदलाव करें। हेल्‍थलाइन के मुताबिक, आमतौर पर बासी या खराब हो चुके भोजन को खाने और बैक्टीरिया, वायरस या कीट के संपर्क में आने के कारण फूड पॉइजनिंग होती है। फूड पॉइजनिंग होने पर पेट में दर्द, डायरिया, दस्त, उल्‍टी, हल्‍का बुखार, कमजोरी, चक्‍कर आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसे में गर्मियों के आते हीं इस समस्‍या से बचने के लिए हमें कुछ बातों को ध्‍यान में रखने की जरूरत होती है।

कुछ बात ध्यान में रखिये तो स्वस्थ रहेंगे -

*पका हुआ भोजन बार-बार पकाकर या गर्म करके न खाएं। ऐसा करने पर यह पेट के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

*घर में पालतू जानवरों को भोजन से दूर रखें। जानवरों के शरीर में मौजूद कई तरह के बैक्‍टेरिया भोजन और पानी को दूषित कर सकते हैं।

* बासी भोजन करने से बचें, जहां तक हो सके ताजा भोजन हीं करें।

* भोजन को ढंककर रखें और गर्मी के मौसम में भोजन फ्रिज में स्‍टोर करें।

* सूखे मसाले और अनाज आदि में फंगस या बैक्टीरिया पनप सकते हैं इसलिए इनके रखरखाव पर ध्यान दें।

* नमकीन, स्‍नैक्‍स, बिस्किट आदि एयर टाइट डब्‍बों में हीं रखें। इन्‍हें गीले हाथ या चम्‍मच के संपर्क में ना आनें दें।

* डिब्‍बाबंद चीजों और खाद्य पदार्थों का एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। पुराने मसालों में फफूंद पड़ सकते हैं इसलिए इन्हें इस्तेमाल ना करें और एक्‍सपायरी होने या बदरंग होने पर फेंक दें।

* आटे या बेसन आदि भी एयर टाइट डिब्बों में रखें। अगर गूंधा हुआ आटा बच जाता है तो उसे भी फ्रिज में रखें और एक दिन के अंदर उपयोग करें।

* रोटी बनाते समय अगर परथन बच जाएं तो उन्‍हें दुबारा स्‍टोर ना करें। नमी आ जाने की वजह से ये बाकी के आटे में भी नमी आ सकती है और उनमें फफूंद लग सकते हैं।

* टमाटर, तरबूज़, संतरा, दही, दूध आदि को फ्रीज में स्‍टोर करें।

* गर्मी के मौसम में बाहर का दही और चटनी खाने से बचें।

* चाकू को साफ करके हीं इस्तेमाल करें। भोजन के पहले और बाद में साबुन से हाथ धोएं।

* फ्रिज में कच्चे मांस को पके भोजन से दूर रखें। ऐसा करने पर बैक्टीरिया पके भोजन को प्रभावित कर सकते हैं।

* चॉपिंग बोर्ड, चकला-बेलन आदि लकड़ी के बने होते हैं जिन्‍हें धोकर अच्छी तरह से सुखाने के बाद रखें। वरना इन पर नमी के कारण फंगस पनप सकते हैं।

Updated : 6 April 2021 3:34 AM GMT
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Shivani

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