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    दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगी विख्यात इतिहासकार डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा
    साहित्य

    दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगी विख्यात इतिहासकार डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा

    Shivani SrviastavaBy Shivani SrviastavaMarch 18, 2026No Comments3 Mins Read
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    विख्यात इतिहासकार डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को 18वीं शताब्दी की विश्व प्रसिद्ध रामपुर रज़ा लाइब्रेरी की प्रकाशन सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया है। डॉ ज़ेहरा दिल्ली विश्विद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। पुस्तकालय की अध्यक्षा, उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल की अध्यक्षता में संपन्न रामपुर रज़ा पुस्तकालय बोर्ड की 53वीं बैठक में डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को प्रकाशन सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया।

    रामपुर रज़ा लाइब्रेरी एण्ड म्यूज्यिम के निदेशक डॉ० पुष्कर मिश्र ने डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को एक पत्र के माध्यम से बधाई देते हुए यह जानकारी साझा की। डॉ० पुष्कर मिश्र ने पत्र में कहा कि डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा की विशिष्ट विद्वत्ता, व्यापक अनुभव एवं गहन अकादमिक दृष्टि से रामपुर रज़ा पुस्तकालय निस्संदेह अत्यंत लाभान्वित होगा। उनकी दूरदर्शिता एवं विशेषज्ञता से पुस्तकालय की प्रकाशन गतिविधियों; विशेषतः शोधपरक ग्रंथों के संपादन एवं प्रकाशन, दुर्लभ पांडुलिपियों के प्रकाशन, पुनर्मुद्रण, अनुवाद तथा विद्वत् सामग्री के चयन एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

    डॉ पुष्कर मिश्र ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें आशा है कि डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा प्रकाशन सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में अपने बहुमूल्य अनुभव एवं सुझावों से रामपुर रज़ा पुस्तकालय की प्रकाशन योजनाओं को नई दिशा प्रदान करते हुए उसकी शैक्षणिक प्रतिष्ठा एवं ज्ञान-संपदा के व्यापक प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। डॉ पुष्कर मिश्र ने उन्हें सफल, प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

    ज्ञात हो कि रामपुर रज़ा लाइब्रेरी एण्ड म्यूज्यिम भारतीय इस्लामी सांस्कृतिक विरासत का एक भंडार है। इस में पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, इस्लामी सुलेख के नमूने, लघु चित्र, खगोलीय उपकरण और अरबी और फारसी भाषा में दुर्लभ सचित्र कार्यो का बहुत दुर्लभ और मूल्यवान संग्रह है। डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा देश की जानी मानी इतिहासकार हैं जिनकी दर्जनों पुस्तकें विभिन विश्वद्यालयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर के विधार्थियों के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं। वह देश विदेश की यात्रायें कर चुकी हैं तथा महिला सशक्तिकरण को लेकर आवाज़ भी उठाती रहती हैं। उन्हें दो बार लाडली मीडिया एवार्ड भी मिल चुका है।

    डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद् की धर्म और संस्कृति की समिति की भी सदस्य हैं। वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया के उपकुलपति द्वारा दलित और अल्पसंख्यक अध्ययन के डॉ के आर नारायनन केंद्र की केंद्र अनुसंधान समिति में बाहरी सदस्य के रूप में भी नामित की गई हैं।

    आशा है कि डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा के प्रकाशन सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में नामित होने से रामपुर रज़ा लाइब्रेरी में नई ऊर्जा आएगी तथा निदेशक डॉ पुष्कर मिश्र द्वारा जारी प्रकाशन की नई योजनाओं को सबल मिलेगा। सामाजिक तथा शेक्षिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को रामपुर रज़ा लाइब्रेरी की प्रकाशन सलाहकार समिति की सदस्य नामित होने पर बधाई दी है।

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    Shivani Srviastava

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