नई दिल्ली। नई दिल्ली में एक अहम् फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट डॉ आदिश अग्रवाला ने ओखला प्रेस क्लब ( रजि) चेयरमैन, प्रसिद्ध समाजसेवी वरिष्ठ पत्रकार एवं एडवोकेट (डॉ ) एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती को ऑल इंडिया बार एसोसिएशन का मीडिया एडवाइज़र सर्वसम्मति से बनाया गया है। डॉ आदिश अग्रवाला ने उनके मनोयन पर कहा कि मुन्ने भारती लगभग 30 सालों से इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे है।
मुन्ने भारती देश के पहले पत्रकार है जिन्होंने पत्रकारिता कार्य के साथ सोशल वर्क करते हुए बिहार राज्य के वैशाली ज़िले के गांव में 5-6 राज्य सभा सांसदों के सांसद निधि के सहयोग गाँव में करोड़ों रुपया का काम सरकारी तंत्र के सहयोग से काम कराया । जिसमें उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण। करनेजी उर्दू विद्यालय भवन निर्माण, कब्रिस्तान चारदीवारी, सड़क इत्यादि कार्य कराकर कीर्तिमान स्थापित किया। जबकि स्थानीय प्रशासन का सहयोग ना मिल पाने की वजह से करोड़ों की सांसद निधि वापस चली गई। इसके अलावा मुन्ने भारती ने अपने पैतृक गांव में सैकड़ो विधवाओं को ग़ैर सरकारी लोगों के सहयोग से पेंशन दिलाई।
कोरोना काल में उन्होंने दूसरों की मदद के लिए लगातार काम किया। इस वजह से वो भी कोरोना की चपेट में आ गए और मौत और ज़िंदगी के बीच नई दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में जूझते रहे। इनकी ज़िंदगी को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के जवान भी लगे रहे। कोरोना काल में दिल्ली के ओखला इलाक़े में जहाँ ज़रूरतमंद लोगों तक रातों में जाग कर उनके घरों को चिन्हित कर उनके घर खाना पहुचाते थे, वहीँ जब लोग अस्पताल में एडमिट होने के लिए परेशान थे, तब भी उन्होंने सैकड़ों लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया।
मुन्ने भारती ने पत्रकारिता क्षेत्र में रहते हुए मानवता और सामाजिक क्षेत्र में बहुत अहम काम किए है। सैकड़ों ज़रूरतमंद और गरीब बच्चों की कई लाख रुपया की फीस जमा कराकर शिक्षा की तरफ़ अग्रसारित किया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब बिहार में बाढ़ आई थी उसके चपेट में करनेजी गांव भी था। लोग सड़क पर भूखे प्यासे रहने को मजबूर थे और प्रशासन का दूर दूर तक पता नहीं था। उस समय भी मुन्ने भारती ने अपनी ग़ैर सरकारी संस्था करनेजी फाउंडेशन और प्रसिद्ध NGO गूँज के सहयोग से लगभग 10 लाख रुपये का ज़रूरत का सामान कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों तक पहुँचाया। जिसमें खाने के सामान के अलावा मच्छरदानी, बच्चों के पीने के लिए सूखा दूध, औरतों की ज़रूरत का सामान, मोमबत्ती, कंबल, चादर इत्यादि था।
गांव में करनेजी फाउंडेशन द्वारा ‘करनेजी महोत्सव’ का आयोजन कर किया गया जिसमें प्रथम दिन मेदांता हॉस्पिटल के सहयोग से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में मरीजों को देखने के बाद दवा, एक्सरे, ईसीजी, ब्लड टेस्ट इत्यादि मुफ्त दिया गया। इसके अलावा यूनानी के दर्जनों डॉक्टर द्वारा जहाँ मरीजों को देखने के बाद दवा दी गई। दूसरे दिन सैकड़ों ज़रूरत मंद महिलाओं को सिलाई मशीन देने के अलावा, सैकड़ों बच्चों को पढ़ने और लिखने की सामग्री बैग में दी गई तथा बच्चों को शील्ड देकर सम्मानित भी किया गया।
सम्मान देने में कृषि, यूथ, स्पोर्ट्स, सामाजिक कार्य सहित कई अन्य क्षेत्र में लोगों की प्रतिभा को देखते हुए सम्मानित किया गया।
मुन्ने भारती को चीफ जस्टिस और इंडिया द्वारा नेशनल लॉ डे अवार्ड सुप्रीम कोर्ट में सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा रेडियो मॉस्को एफ़ सी अवार्ड, सहित अनेको अहम सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।