नयी दिल्ली। विद्युत् मंत्रालय के अधीन कार्यरत महारत्न कंपनी REC लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड ((RECPDCL) ने कर्नाटक की दो महत्वपूर्ण इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन परियोजनाओं के विशेष प्रयोजन वाहनों (SPV) का सफल हस्तांतरण कर दिया है।
RECPDCL ने 30 मई 2026 को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया के तहत विकसित की जाने वाली परियोजना हम्पापुरा पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड को सफल बोलीदाता रेसोनिया लिमिटेड को सौंप दिया। वहीं दूसरी परियोजना मेखली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड का हस्तांतरण दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड को किया गया।
मेसर्स रेसोनिया लिमिटेड, आरईसीपीडीसीएल (बिड प्रोसेस कोऑर्डिनेटर) द्वारा आयोजित टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से सफल बोलीदाता के रूप में उभरा, ताकि बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बूट) आधार पर ट्रांसमिशन परियोजना का विकास किया जा सके।
दोनों कंपनियों का चयन RECPDCL द्वारा आयोजित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। ये परियोजनाएं बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) मॉडल पर विकसित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं को पूरा करने की निर्धारित समयसीमा 24 महीने रखी गई है।
हम्पापुरा पावर ट्रांसमिशन परियोजना के तहत हम्पापुरा में 400/220/33 केवी जीआईएस सब स्टेशन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा जगलूर से कडाकोला तक करीब 299 किलोमीटर लम्बी 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन तथा हम्पापुरा से नागमंगला, मद्दुर, तुबिनाकेरे और हुयगोनहल्ली तक लगभग 125 किलोमीटर लम्बी 220 केवी डबल सर्किट लाइन का निर्माण कराया जायेगा।
परियोजना में जगलूर-कडाकोला लाइन से प्रस्तावित 765/400 केवी सीएन’हाली स्टेशन तक 400 केवी डीसी क्वाड मूस लाइन का एलआईएलओ (LILO) और अन्य संबंधित कार्य भी शामिल हैं।
मेखली पावर ट्रांसमिशन परियोजना के अंतर्गत मेखली में 400/220/33 केवी एआईएस सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही मेखली से यालावर और धोनी तक लगभग 320 किलोमीटर लंबी 400 केवी डबल सर्किट लाइन तथा मेखली से कुडुची, एक्वस और महिलांगपुरा तक करीब 130 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट लाइन विकसित की जाएगी।
इसके अलावा 220 केवी मेखली-चिकोडी-मुगलकोड लाइन का एलआईएलओ और अन्य आवश्यक ट्रांसमिशन अवसंरचना का निर्माण भी इस योजना का हिस्सा होगा।
RECPDCL की जीएम एवं विभागाध्यक्ष मोनिशा बरुआ ने दोनों एसपीवी का औपचारिक हस्तांतरण संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को किया। इस अवसर पर कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (KPTCL), RECPDCL तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से कर्नाटक में बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।