पुस्तक मेले में पाठकों की भारी भीड़ 

पुस्तक मेले में पाठकों की भारी भीड़ 

नईदिल्ली-

छुट्टी का दिन और दिल्ली वालों में पढ़ने का उत्साह, लगन और उत्सुकता उन्हें पुस्तकों के वृहद संसार में ले आई। पुस्तक मेले का दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पुस्तक प्रेमी बचे हुए इन दो दिनों का भरपूर लाभ उठा लेना चाहते हों। पुस्तक मेले में किसी भी हॉल में, किसी भी स्टॉल पर देखिए, पाठक-ही-पाठक नज़र आ रहे थे। मेट्रो स्टेशनों पर मेले का टिकट खरीदने वालों की जहाँ लंबी कतारें देखी गईं, वहीं सभी आयुवर्ग के लोग अपनी पसंदीदा पुस्तकें खरीदते और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लेते नज़र आए।

बच्चों और उनके अभिभावकों को पूरे उत्साह के साथ अपनी पसंद की पुस्तकें देखते, पलटते और खरीदते देखकर अपार हर्ष की अनुभूति हो रही थी। मुद्रित पुस्तकों का भविष्य केवल सुरक्षित ही नहीं वरन उज्ज्वल है, इसमें कोई दो राय हो ही नहीं सकती। आज पुस्तक मेले में  डेढ़ लाख से अधिक पाठक आए।

थीम मंडप

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा थीम मंडप पर महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति और परंपरा पर आधारित संगीत कार्यक्रम ‘स्वरांजलि‘ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत श्री गणेश वंदना से हुई। इसमें गुरुग्राम से आए मराठी कलाकार, श्री जीवन तलेगांवकर और उनके समूह ने पारम्परिक लोकसंगीत प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सुश्री सुजाता नंदेश्वर और उनके समूह द्वारा महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लोकनृत्य ‘लावणी‘ की रंगारंग प्रस्तुति की गई। लावणी एक ऐसी विधा है जिसमें मानव जीवन के विभिन्न भाव समाहित होते हैं। मराठी कलाकारों ने आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम का संचालन अंजू कांबले ने किया।

इसी मंच पर पंजाबी अकादमी, दिल्ली के सहयोग से मालवाई गिद्दा का आयोजन किया गया। कलाकारों ने दर्शकों के लिए एक अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। इसमें सुखवंत सिंह बांधेसा, जगजीत सिंह शेरगिल, दर्शन सिंह पाटिल, बलबीर सिंह गिल, निर्मल सिंह, रंजीत सिंह, कमल शर्मा, भूपिंदर झाज, निरलेप सिंह, सुखविंदर सुखी, गुरदेव सिंह और प्रीतम सिंह रूपाली आदि ने भाग लिया। पचास से अधिक उम्र के सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह एवं ऊर्जा से भरपूर गिद्दा प्रस्तुति दी।

बाल मंडप

दिल्ली सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ स्पेशल चिल्ड्रन से आए दिव्यांग बच्चों द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ विषय पर नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, संगीता‘ज़ इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा संगीत और नृत्य के माध्यम से कहानी प्रस्तुत की गई। यहाँ बच्चों ने सरस्वती वंदना पर भी नृत्य प्रस्तुति दी। कथा इंडिया तथा उड़ान फाउंडेशन के बच्चों ने बाल मंडप की विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

एनबीटी द्वारा बाल मंडप पर कार्यकर्ता श्री राजीव रंजन के साथ एक बातचीत का आयोजन किया गया, जहाँ श्री राजीव रंजन ने भारत में पुलिस की भूमिका के बारे में बात की। उन्होंने समझाया कि पुलिस किसी दूसरे ग्रह से नहीं आती है, वे हमारे बीच के ही लोग हैं। हमें उनके साथ अजनबी व्यवहार नहीं करना चाहिए।

लेखक मंच

केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा ‘भारतीय एवं विदेशी भाषाओं के कोश-निर्माण में निदेशालय की भूमिका‘ पर विशेष चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें केंद्रीय हिंदी निदेशालय के निदेशक प्रो. अवनीश कुमार, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ़ गंगाप्रसाद विमल, हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुधाकर पाठक, संपादक राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय डॉ. धनेश त्रिवेदी तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय के डॉ. राकेश व डॉ. अनुपम माथुर उपस्थित हुए। इस अवसर पर डॉ़ गंगाप्रसाद विमल ने कहा कि भाषा अतीत और भविष्य को बाँधने का कार्य करती है तथा  निदेशालय द्वारा कोश निर्माण के ज़रिये भाषा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।

इस मंच पर आज युवा संस्था द्वारा ‘भारतीय भाषाओं की वैश्विक शक्ति‘ विषय पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गोवा की माननीय राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा उपस्थित हुईं। साथ ही, वक्ताओं में शामिल थे : लेखक यतीन्द्र मिश्र तथा उपन्यासकार श्री भगवान दास मोरवाल।

लेखक मंच पर पांडुलिपि प्रकाशन द्वारा ‘सात रंग सोलह अफसाने‘ पुस्तक पर चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मधुसूदन आनंद द्वारा सात रंग सोलह अफसाने पुस्तक का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक धीरेन्द्र अस्थाना द्वारा संपादित की गई है। चर्चा में महेश दर्पण, हरीश पाठक, सुधांशु गुप्त, विवेक मिश्र तथा वीणा वत्सल सिंह उपस्थित थे। वक्ताओं ने इन कहानियों के मर्म को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया।

ऑथर्स कॉर्नर पर वाणी प्रकाशन द्वारा ‘द ग्रेट इंडियन बुक बाजार’ पर चर्चा आयोजित की गई जिसमें भारतीय प्रकाशन उद्योग के विभिन्न पहलुओं के बारे में बातचीत की गई। सुश्री नीता गुप्ता द्वारा संचालित इस सत्र में, अन्य वक्ता थे : सुश्री मीरा जौहरी, राजपाल प्रकाशन, सुश्री अदिति माहेश्वरी गोयल वाणी प्रकाशन, श्री आलिंद माहेश्वरी, राजकमल प्रकाशन, श्री यतींद्र मिश्र, प्रसिद्ध लेखक और संपादक, श्री नवीन चौधरी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस और श्री गौरव सभरवाल, प्रकाश बुक्स। सत्र के दौरान, वक्ताओं ने सोशल मीडिया के उपयोग, ई-कॉमर्स, अनुवाद, वितरण, स्वप्रकाशन और पुस्तकों को बढ़ावा देने के लिए प्रकाशकों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में चर्चा की।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

पुस्तक मेले में हर शाम हंसध्वनि थिएटर में संस्कृति उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रगति मैदान में आने वाले पुस्तक प्रेमी पुस्तकें खरीदने के साथ-साथ सांस्कृतिक कायक्रमों का भी भरपूर आनंद उठा रहे हैं।

आज यहाँ राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद द्वारा मुशायरे का आयोजन किया गया जिसमें मंसूर उस्मानी, मुहीम शहबाद, अलीना इतरत, सलमा, नसीम अहमद, पॉपुलर मेरठी जैसे प्रसिद्ध शायरों की महफिल सजी। सभी शायरों ने एक-से-बढ़कर-एक कलाम प्रस्तुत कर समां बाँध दिया।

Uday Sarvodaya

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