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#मी टू से पुरुष डरे हुए हैं, और उन्हें डरना भी चाहिए : कंगना

#मी टू से पुरुष डरे हुए हैं, और उन्हें डरना भी चाहिए : कंगना
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मुंबई (बॉलीवुड डेस्क) : बेबाक बयानों के लिए चर्चित कंगना रनौत ने कहा है कि पिछले साल चले 'मी टू' अभियान के कारण फिल्म जगत के पुरुष डरे हुए हैं और उन्हें डरना भी चाहिए. यह अभियान रुकने वाला नहीं है. यह तब तक नहीं रुकेगा, जब तक कि हम इसकी मूल वजह तक नहीं पहुंच जाते क्योंकि यह एक पितृसत्तात्मक समाज है, जो बहुत ही अराजक है. हमें वहां चोट करने की जरूरत हैं, जहां वे डरे हुए हैं. क्या होगा जब महिलाओं को काम नहीं मिलेगा, जैसी बातें बंद होनी चाहिए. मुझे लगता है कि गरिमा के बिना कोई जीवन नहीं है. आपको आवाज उठाने से नहीं हिचकना चाहिए.बता दें कि कंगना रनौत ने फिल्म ‘क्वीन' के निर्देशक के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कथित पीड़िता का भी समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि फिल्म सेट को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कानूनों और तत्काल कार्रवाई की नीति को लागू किया जाना चाहिए. कंगना की आने वाली फिल्म ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' है, जो 25 जनवरी को बड़े पर्दे पर आएगी. फिल्म का निर्देशन कृष और कंगना, दोनों ने किया है.कई एक्टरों ने किया मेरा शोषणकंगना ने कहा है कि उन्हें फिल्म सेट पर एक्टरों के हाथों कई बार उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने ‘मी टू’ अभियान के तहत आवाज नहीं उठाई क्योंकि ये अनुभव शारीरिक नहीं थे, बल्कि डराने वाले और अपमानजनक थे. कंगना ने कहा कि उत्पीड़न किसी भी स्तर पर हो सकता है और उन्होंने अपने करियर में कई लोगों के बुरे व्यवहार का सामना किया है. हालांकि उन्हें शारीरिक तौर पर तो प्रताड़ित नहीं किया गया, लेकिन कुछ लोगों के अहम से जुड़े मुद्दे थे. यह 'मी टू' अभियान के तहत नहीं आता, लेकिन फिर भी यह उत्पीड़न ही है.मुझे जान-बूझकर गलत समय दिया जाताकंगना ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा, ‘मुझे सेट पर छह घंटे तक इंतजार कराया जाता, मुझे जान-बूझकर गलत समय दिया जाता ताकि मुझे इंतजार करना पड़े, मुझे हमेशा गलत तारीखें बताई जातीं ताकि मेरे हाथ से मौका निकल जाए और फिर ये एक्टर लोग अंतिम समय पर शूटिंग रद्द कर देते थे. मेरे खिलाफ गुटबाजी करना और मुझे फिल्म से जुड़ कार्यक्रमों में न बुलाना, मेरे बिना फिल्म का ट्रेलर लॉन्च कर देना और फिर मुझे बताए बिना मेरी आवाज मेरी अनुमति के बगैर किसी और से डब करा देना, जो किसी भी अदाकार के मूलभूत अधिकार का उल्लंघन है.’

Updated : 22 Jan 2019 3:58 PM GMT
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