क्या धोनी के बिना कप्तानी के मोर्चे पर ‘ज़ीरो’ हैं विराट?

नई दिल्ली (उदय सर्वोदय डेस्क) : मोहाली के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ नामुमकिन को मुमकिन कर दिया. वनडे इतिहास में ये पहला मौका था जब टीम इंडिया को 350 रनों का टारगेट खड़ा करने के बाद हार का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भारत को 23 बार साढ़े तीन सौ से ज़्यादा रन बनाने पर हमेशा जीत मिली थी. लिहाजा मोहाली में विराट कोहली की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं. सवाल उठता है कि क्या धोनी के न रहने से विराट कोहली की कप्तानी कमज़ोर पड़ जाती है?

मोहाली में जब आखिरी लम्हों पर टीम इंडिया जीत के लिए पसीने बहा रही थी तो विराट कोहली बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग कर रहे थे. ऐसा लग रहा था मानो वो अलग-थलग पड़ गए हों. अगर धोनी टीम में रहते हैं तो विराट का काम आसान हो जाता है. धोनी विकेट पीछे खड़े हो कर लगातार रणनीति तैयार करते हैं. वो गेंदबाज़ों से लगातार बातचीत करते रहते हैं. वो उनका हौसला बढ़ाते हैं. इसके अलावा विकेटकीपिंग करते हुए धोनी विरोधी बल्लेबाज़ों को अपने माइंड गेम से भी परेशान करते हैं.

धोनी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी दो वनडे के लिए आराम दिया गया है. लिहाजा मैदान पर उनकी कमी लगातार खल रही थी. विराट कई बार ये कह चुके हैं कि धोनी के टीम में रहने से उनका काम आसान हो जाता है. मोहाली में धोनी के न रहते हुए विराट कोहली कप्तानी के मोर्चे पर एक के बाद लगातार गलतियां किए जा रहे थे.

सवालों के घेरे में विराट के फैसले

  1. उस्मान ख्वाजा लगातार शतक की ओर बढ़ रहे थे. तभी जसप्रीत बुमराह ने उन्हें 91 के स्कोर पर आउट कर दिया. लेकिन विराट ने अगले ओवर में बुमराह को गेंदबाजी के मोर्चे से हटा लिया. बुमराह के इस ओवर में ग्लेन मैक्सवेल ने दो चौके लगाए थे. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अहम विकेट लेने वाले गेंदबाज़ को अगला ओवर न दिया जाए. इसके बाद जब तक विराट कोहली एक बार फिर से बुमराह को गेंदबाज़ी के मोर्चे पर ले कर आए तब तक काफी देर हो चुकी थी.
  2. पार्ट टाइम गेंदबाजों का इस्तेमाल भी विराट ने बड़े ही अजीब तरीके से किया. विजय शंकर को उन्होंने 10वें ओवर में ही गेंद थमा दी. जबकि केदार जाधव को 15वें ओवर में मोर्चे पर लाया गया. इन दोनों ने इस दौरान 6 ओवर की गेंदबाज़ी की. पता नहीं विराट कोहली क्यों इतनी जल्दी पार्ट टाइम बॉलर का कोटा पूरा करना चाहते थे. जबकि उस वक्त फिंच और ख्वाजा बड़े आराम से रन बना रहे थे.
  3. चहल और कुलदीप बिना धोनी की सलाह के बेहद कमज़ोर दिख रहे थे. शुरूआत के 12 ओवर में इन दोनों ने 72 रन खर्च कर दिए. जबकि इन्हें कोई विकेट नहीं मिला था.

अब दिल्ली में सीरीज़ का आखिरी वनडे खेला जाएगा. यहां ये देखना दिलचस्प होगा कि विराट अगले मैच में धोनी के बिना किस तरह की रणनीति बनाते हैं.

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