क्या आप भी हैं बेवजह की खरीददारी के शिकार, तो जानिये इसके उपाय

क्या आप भी हैं बेवजह की खरीददारी के शिकार, तो जानिये इसके उपाय

न्यूज़ डेस्क |

उत्साह में आकर बिना सोचे-समझे शॉपिंग करना और बाद में पछताना अगर आपकी आदत का हिस्सा बनता जा रहा है तो यह कंपल्सिव बाइंग डिसॉर्डर हो सकता है। क्या है यह कैसे पहचानें इसे जानें यहां हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग हैं जो उत्साहित होकर शॉपिंग करते हैं और उन्हें इस बात का एहसास तक नहीं होता कि अपनी इस आदत पर वे कितना समय, श्रम और पैसा बर्बाद कर रहे हैं। दरअसल, किसी तरह की चिंता से ग्रस्त इन लोगों के लिए शॉपिंग स्ट्रेस बस्टर बन जाती है और शॉपिंग न कर पाने पर नकारात्मक भावनाएं घेर लेती हैं। ज़्यादा शॉपिंग करना एक तरह का डिसॉर्डर माना जाता है, जिसे मेडिकल की दुनिया में कंपल्सिव बाइंग डिसॉर्डर कहते हैं। दुनिया में बहुत से लोग इसके शिकार रहते हैं लेकिन वे इसे पहचान नहीं पाते।

यह व्यवहार से जुड़ी एक समस्या है। खुद में थोड़े से बदलाव लाकर भी इस स्थिति पर काबू पाया जा सकता है। व्यक्ति को खुद में इस तरह के बदलाव लाने चाहिए। आइये इससे बचने के उपाय जानते हैं –

  • तनाव और अकेलेपन से दूर रहने की कोशिश करें।
  • जीवन में विविधता तलाशें। अलग-अलग तरह के कामों में खुद को व्यस्त करें।
  • परिवार और करीबी दोस्तों के साथ घूमने जाएं।
  • मनपसंद फिल्में देखें और किताबें पढ़ें।
  • व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। मन पर नियंत्रण पाने की कोशिश करें।
  • खुद में बदलाव न लाने के बावज़ूद अगर स्थिति में सुधार न दिखे तो किसी एक्सपर्ट से संपर्क करें।

Uday Sarvodaya Team

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