Home > राज्यवार > बिहार > इंतजार खत्म: बिहार बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी, 12 लाख बच्चे पास

इंतजार खत्म: बिहार बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी, 12 लाख बच्चे पास

इंतजार खत्म: बिहार बोर्ड ने 10वीं का रिजल्ट किया जारी, 12 लाख बच्चे पास
X

ब्यूरो रिपोर्ट

पटना: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा मैट्रिक की परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि कुल 14,94,071 बच्चों ने परीक्षा दी थी. इसमें से 12,03,011 बच्चे पास हुए हैं । 4,03,392 छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए हैं वहीं 5,24,217 छात्र सेकेंड डिवीजन और 2,75,402 छात्र थर्ड डिवीजन से पास हुए हैं। कुल 80.59 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं।

हिमांशु राज बिहार के 10वीं क्लास के टॉपर बने हैं। उन्होंने 96.20 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। यानी हिमांशू ने 500 में से 481 अंक प्राप्त किए हैं।

मैट्रिक की परीक्षा का रिजल्ट (BSEB 10th Result 2020) खुद बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा द्वारा दोपहर 12:30 बजे जारी किया गया। छात्र बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

इसके अलावा वेबसाइट onlinebseb.in और biharboardonline.com पर भी रिज़ल्ट चेक किया जा सकता है। बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट सबसे पहले जारी करने वाला देश का दूसरा बोर्ड बन गया है। इससे पहले मिजोरम 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी कर चुका है।

बीएसईबी केअध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले घोषणा कर दी थी कि मार्च के पहले सप्ताह में बिहारबोर्ड के इंटर और मैट्रिक के नतीजे जारी हो जाएंगे। बोर्ड ने 24 मार्च को इंटर के नतीजे जारी कर दिए गए थे।लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण बिहार बोर्ड मैट्रिक की कॉपियों का मूल्यांकनशुरू होने में देरी हो गई, जिसकी वजह से नतीजेजारी होने में भी देरी हुई। हालांकि 24 फरवरी तक परीक्षा आयोजित की जा चुकी थीं। इसके बाद 6 मई से मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हुई और 17 मई तक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। इसके बादटॉपर्स के वेरीफिकेशन के बाद रिजल्ट की प्रक्रियां पूरी की गई।

इस साल नकल रोकनेके लिए बिहार बोर्ड ने कई कदम उठाए थे। बिहार बोर्ड ने पहली बार प्री प्रिंटेडआंसर बुक इस्तेमाल की थी। इसके अलावा ओएमआर शीट में लाई गई थी, जिसमें उम्मीदवार का नाम और फोटो पहले से ही प्रिंटेड होतीथी। वहीं परीक्षा में कुल 100 प्रश्न थे,जिसमें से 60 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के थे।

बोर्ड की परीक्षा में 15 लाख स्टूडेंट्स हुए शामिल

इस साल बिहारबोर्ड की परीक्षा में 15 लाख स्टूडेंट्सशामिल हुए थे। परीक्षाएं प्रदेश के 13868 केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। 15, 29,393 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें छात्राएं 7,83,034 औऱ 7,46,359 छात्र शामिल हुएथे।

2019 में 80.73 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे जबकि 2018 की परीक्षा में कुल 68.89 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे। यानी पिछलेसाल रिजल्ट काफी बेहतर रहा था। 2019 में करीब 12 प्रतिशत स्डूटेंस ज्यादा पास हुए थे।

ग्रेस मार्क्स देने की नीति

पास प्रतिशतबेहतर करने के लिए बिहार बोर्ड ने ग्रेस मार्क्स देने की नीति अपना रखी है। इसकेमुताबिक अगर कोई छात्र किसी एक विषय में 8 प्रतिशत या इससे कम नंबर या दो विषयों में 4-4 प्रतिशत व उससे कम नंबर से फेल हो जाता है तो ​उसे ग्रेसनंबर देकर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता है। वहीं अगर कोई छात्र कुल 75 प्रतिशत अंक (एग्रीगेट) हासिल करता है और किसीएक विषय में 10 प्रतिशत से कमनंबर से फेल हो जाता है तो उसे पास घोषित कर दिया जाता है।

बिहार के टॉपर्स को हर महीने मिलेगा पैसा

बिहार की नीतीशसरकार ने 10वीं और 12वीं क्लास के टॉपर्स को हर महीने ईनामी राशि केतौर पर कुछ पैसे देने की घोषणा की है। 10वीं के टॉपर्स को बिहार सरकार हर महीने 1200रुपये देगी। यह रकम टॉपर्स को दो साल तक दीजाएगी। 12वीं के छात्र को इस राशिको पाने के लिए 12वीं में टॉप करनेके साथ ही साथ 11वीं में भी 60फीसदी से ज्यादा मार्क्स लाने होंगे।

Updated : 26 May 2020 7:46 AM GMT
Tags:    
Next Story
Share it
Top