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आरक्षण के मुद्दे पर लालू के साथ आए नीतीश कुमार, कहा- जातीय जनगणना कराए मोदी सरकार

नीतीश कुमार ने कहा कि आरक्षण का लाभ जिनको मिल रहा है उनके परिवार को ये लाभ मिलते रहना चाहिए। इसे रोकने का सवाल ही नहीं है।

आरक्षण के मुद्दे पर लालू के साथ आए नीतीश कुमार, कहा- जातीय जनगणना कराए मोदी सरकार
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उदय सर्वोदय

पटना: आरक्षण के मुद्दे पर बिहार की सियासत फिर गरमा गई है। इसकी शुरुआत जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता अजय आलोक के बयान से हुई और धीरे-धीरे सभी दलों के नेता सामने आने लगे। अजय आलोक ने बयान दिया कि आरक्षण में संशोधन होना चाहिए। जो आज इसका लाभ ले रहे हैं, दो पीढ़ी बाद उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

इसके बाद मुख्योमंत्री नीतीश कुमार को भी आरक्षण के पक्ष में बयान देना पड़ा। नीतीश कुमार ने पटना में पत्रकारों से कहा कि आरक्षण का लाभ जिनको मिल रहा है उनके परिवार को ये लाभ मिलते रहना चाहिए। इसे रोकने का सवाल ही नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'अब तो आर्थिक आधार पर भी आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है। मेरे हिसाब से ऐसा कुछ नहीं है कि आरक्षण का प्रावधान है उसमें कोई बदलाव होगा। हमारे यहां पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग को जननायक कर्पूरी ठाकुर के समय आरक्षण मिल रहा है। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार से भी ये हो जाए। किसी को वंचित करने की बात नहीं होनी चाहिए।

हम बार-बार विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुके हैं कि एक बार जातिगत गणना हो जाए। आजादी के पहले ही ये बंद हो गया। ऐसा हो जाने से कम से कम एक-एक चीज की सही जानकारी मिल जाएगी। किस जाति के कितने लोग हैं, उनके लिए क्या करना चाहिए, ये तय करना आसान हो जाएगा। आरजेडी नेता लालू यादव भी लगातार जातीय जनगणना की मांग करते आए हैं।'

दरअसल अजय आलोक ने ट्वीट कर कहा था कि परिवार में किसी एक सदस्य को आरक्षण का फायदा मिल जाए उसके बाद ये सिलसिला बंद होना चाहिए।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के धुर विरोधी लालू यादव भी ये मांग करते आए हैं। बिहार की राजनीति में लालू यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच असहमति का फासला ज्यादा ही रहा है। लेकिन आरक्षण का मुद्दा ऐसा है, जिस पर जेडीयू नेता नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के लालू यादव समान विचार रखते हैं।

बहरहाल जेडीयू के इस बयान को राष्ट्रीहय जनता दल ने संविधान का अपमान बताया तो हिंदुस्तालनी अवमा मोर्चा ने भी संशोधन की बात कहने वाले को दलित-आदिवासियों का विरोधी बताया। जेडीयू के अंदर भी इस बयान का विरोध होने लगा है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता निहोरा यादव ने कहा कि आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में किसी तरह के संशोधन की जरूरत नहीं है।

Updated : 17 Feb 2021 2:59 PM GMT
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