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सभी श्रेणी के पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दे सरकार : डॉ. राजाराम त्रिपाठी

पत्रकार वर्ग इस महामारी के आने के बाद से ही लगातार इस बात की मांग कर रहा है कि उन्हें भी फ्रंट लाइन वर्कर माना जाए।

सभी श्रेणी के पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दे सरकार : डॉ. राजाराम त्रिपाठी
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डॉ. राजाराम त्रिपाठी

डॉ. राजाराम त्रिपाठी लंबे समय से पत्रकारों को कोरोना योद्धा मानने की मांग उठा रहे हैं। वे स्वयं कई पत्रिकाओं के संपादक हैं तथा विभिन्न समाचार पत्रों में नियमित रूप से विभिन्न मुद्दों पर लगातार लिखते रहे हैं, उन्होंने आज बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि हमारे पत्रकार साथी समाज हित में अपनी जान हथेली पर लेकर दिन रात कार्य़ कर रहे हैं, इसलिए सरकार को इन्हें फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए तत्काल कोरोना योद्धा का दर्जा देना चाहिए। हमें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगे।

इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि जब से इस प्रदेश में कोरोना ने दस्तक दी है, तभी से हमारे पत्रकारों ने बिना संक्रमण से डरे, नियमों का पालन करते हुए पूरी हिम्मत तथा जीवटता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। इस संदर्भ में पूर्व में भी विभिन्न मंचों पर मैंने इस संदर्भ में बात उठाई है और हमारा मानना है कि पूरे देश में पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया जाना उचित होगा। इस कठिन कोरोना काल में जब चारों ओर अफवाहों का दौर गर्म है, हमारे पत्रकार बिरादरी ने ही वास्तविक वस्तुस्थिति से समाज तथा सरकार को परिचित कराने का दायित्व निभाया है। इस भयावह परिस्थिति में भी ग्राउण्‍ड रिपोर्टिंग करके पत्रकारों ने हम सबको सच्चाई से अवगत कराया है। इस महामारी के दरमियान जान हथेली पर लेकर की गई रिपोर्टिंग के कारण इसने हमारे कई जांबाज पत्रकारों को भी निशाना बनाया है। ऐसे पत्रकारों का बचा खुचा परिवार भी आज बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। कई समाचार पत्रों तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने विभिन्न कारणों से अपना व्यवसाय समेटलिया जिसके कारण पत्रकारों का एक बहुत बड़ा वर्ग अचानक बेरोजगार हो गया है।

ऐसे साथी न्यूज़ पोर्टल एवं अन्य सोशल मीडिया के जरिए पत्रकारिता की अलख जगाने हेतु संघर्षरत हैं। पत्रकार चाहे अखबार के हों या फिर टीवी चैनल्स में काम करने वाले हों, वे अपने परिवार के एक मात्र आर्थिक आधार थे और उनके चले जाने के बाद परिवार के सामने एक बड़ी आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है।

ऐसे परिवारों की सुध लेना हम सबका दायित्व है। ऐसी विषम परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के द्वारा सभी श्रेणी के पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिए जाने के निर्णय से उन तमाम परिवार के लोगों को एक संबल मिलेगा, जिन्होंने इस महामारी के दौर में अपनों को खोया है। पत्रकार वर्ग इस महामारी के आने के बाद से ही लगातार इस बात की मांग कर रहा है कि उन्हें भी फ्रंट लाइन वर्कर माना जाए।

देश के 40 किसान संगठनों का सबसे बड़ा संगठन अखिल भारतीय किसान आइफा प्रदेश के मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन करता है कि इस संवेदनशील बिंदु पर तत्काल निर्णय लिया जाए तथा इसका अनुकरण अन्य प्रदेश भी करेंगे।

(लेखक अखिल भारतीय किसान महासंघ (आईफा) के राष्ट्रीय संयोजक है )

(ये लेखक के अपने विचार हैं, इनसे उदय सर्वोदय का सहमत होना या न होना आवश्यक नहीं है )

Updated : 4 May 2021 9:41 AM GMT
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Shivani

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