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कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सजा

कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सजा
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नई दिल्ली सिख दंगा मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है। सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और साजिश रचने के अपराध में आजीवन कैद की सजा सुनाई गई है। हालांकि सज्जन कुमार को हत्या के मामले में बरी कर दिया गया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत का वह फैसला पलट दिया है जिसमें सज्जन कुमार को बरी किया गया था। कांग्रेस नेता को सजा तक पहुंचाने में सिख दंगे के एक पीड़ित गवाह ने लंबी लड़ाई लड़ी।17 दिसंबर को कांग्रेस के तीनों नवनिर्वाचित मुख्यमंत्रियों की शपथगौरतलब है कि 30 अप्रैल 2013 को जज जे.आर. आर्यन ने सज्जन कुमार को बरी किया था। जबकि उसके दो साथी पूर्व विधायक महेन्द्र यादव व पूर्व पार्षद बलराम खोखर को उम्रकैद और 3 अन्य को 3 साल की सजा सुनाई गई थी। सज्जन कुमार को बरी करने के बाद 1 मई से 6 मई तक दिल्ली कमिटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के नेतृत्व मे सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया गया था। 1 मई को तिलक नगर में विशाल प्रदर्शन करते हुए सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रैक को जाम कर दिया था। कांग्रेस मुख्यालय का घेराव भी किया गया।भूपेश बघेल होंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रीइस मामले में हाईकोर्ट ने 27 अक्टूबर 2018 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। मनजीत सिंह जीके ने कहा कि महिपालपुर केस में एक को फांसी एक को उम्र कैद हुई, त्रिलोकपुरी में सभी दोषियों को सजा बहाल हुई और अब हमें उम्मीद है कि हाई कोर्ट भी सज्जन कुमार को सख्त सजा सुनाएगा।क्या था पूरा मामला:तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश भर में सिख विरोधी दंगे फैले थे। इस दौरान दिल्ली कैंट के राजनगर में पांच सिखों केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुविंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस दंगे की भेंट चढ़े केहर सिंह इस मामले की शिकायतकर्ता जगदीश कौर के पति थे, जबकि गुरप्रीत सिंह उनके बेटे थे। इस घटना में मारे गए अन्य सिख दूसरे गवाह जगशेर सिंह के भाई थे।सीबीआई ने 2005 में जगदीश कौर की शिकायत और न्यायमूर्ति जीटी नानावटी आयोग की सिफारिश पर दिल्ली कैंट मामले में सज्जन कुमार, कैप्टन भागमल, पूर्व विधायक महेंद्र यादव, गिरधारी लाल, कृष्ण खोखर और पूर्व पार्षद बलवंत खोखर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआइ ने सभी आरोपियों के खिलाफ 13 जनवरी 2010 को आरोपपत्र दाखिल किया था।

Updated : 17 Dec 2018 7:36 AM GMT
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