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डॉ. उदित राज : बेजोड़ सांसद के 4 बेमिसाल आदर्श ग्राम

डॉ. उदित राज : बेजोड़ सांसद के 4 बेमिसाल आदर्श ग्राम
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रिपोर्ट ¦ संतोष कुमारनई दिल्ली : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर, 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी. तब से लेकर अब तक तकरीबन साढ़े 4 साल का वक्त बीत चुका है. वर्तमान सामी में सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा की जाए तो बहुत कम गिनती के ही सांसद मिलेंगे, जिन्होंने इसे गंभीरता से लिया और मन से काम किया. इन्हीं गिने-चुने सांसदों में से एक हैं डॉ. उदित राज.उत्तर पश्चिम दिल्ली के सांसद डॉ. उदित राज ने आदर्श ग्राम योजना के तहत 4 गांव के गोद लिया था और उसके विकास के लिए अपना सब कुछ लगा दिया. डॉ. उदित राज की मानें तो उन्होंने इन गांवों के विकास का संकल्प लिया और अपने व्यक्तिगत प्रयासों से देश ही नहीं, विदेशी संस्थाओं से भी फंड एकत्रित किया और विकास कार्य करवाया. एक अनुमान के मुताबिक उन्होंने गोद लिए अपने चारों गांवों में लगभग 20 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए, जिसकी पूरी जानकारी हैंडबिल के साथ उपलब्ध है.https://twitter.com/Dr_Uditraj/status/1098202322042114048इस संबंध में डॉ. उदित राज सांसद ने एक प्रेस कान्फ्रेंस की, जिसमें उनके चारों आदर्श ग्रामों की महिला प्रभारी रेखा वोहरा, लहर सेठी, योगिता भयाना एवं दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा भी उपस्थित थे. इसमें उन्होंने बताया कि आदर्श ग्राम जौंती की 3 मुख्य योजनाएं- रूरल टुरिज्म, 200 बेड का अस्पताल, स्पोर्ट्स काप्लेक्स एवं चिल्ड्रेन प्लेग्राउंड ऐसी योजनाएं हैं, जिससे न सिर्फ आस-पास के गांवों को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरी दिल्ली लाभांन्वित होगी.https://twitter.com/Dr_Uditraj/status/1098461187136675840डॉ. उदित राज सांसद ने कहा कि शुरू में सांसद आदर्श ग्राम योजना से दिल्ली के गांवों को अलग रखा जा रहा था, यह कहते हुए कि दिल्ली में ग्राम पंचायतें नहीं हैं. दिल्ली के सांसदों को सुझाव दिया जा रहा था कि वे हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के नजदीकी गांवों को गोद लेकर उनका विकास करें, लेकिन मैंने तर्क दिया कि सिर्फ मेरे संसदीय क्षेत्र उत्तर पश्चिम दिल्ली में लगभग 80 गांव हैं, जिनका विकास करना अत्यावश्यक है. उन्होंने ग्रामीण विकास मंत्रालय से मांग की दिल्ली के गांवों को सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल किया जाए. उसके बाद ही यह संभव हुआ.बता दें कि सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत देश के सभी सांसदों को 3 गांव गोद लेकर वहां विकास कार्य करना था, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री के बाद डॉ. उदित राज उन पांच सांसदों में से एक हैं, जिन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़कर 4 गांवों को गोद लेकर उनका विकास किया है.सबसे बड़ी बात यह कि उन्होंने इन चारों गांवों के विकास की जिम्मेदारी केवल महिलाओं को दी. उन्होंने जौंती का निदेशक रेखा वोहरा, खामपुर का योगिता भयाना, सलाहपुर माजरा एवं बुद्धनपुर माजरा का लहर सेठी को बनाया. उन्होंने इन महिलाओं को यह निर्देश दिया कि सभी को विकास के लिए एकजुट किया जाए, तभी गांव का सर्वांगीण विकास हो सकता है. उन्होंने महिलाओं और युवकों को प्रशिक्षित करके उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी निर्देशित किया और इस कार्य में भी काफी हद तक सफलता भी मिली. दिल्ली के गांवों में आज भी महिलाएं घूंघट करती हैं और पुरुषों के साथ नहीं उठती-बैठती, जबकि इन गांवों की स्थिति बदल रही है. यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की स्वच्छ भारत योजना का अनुसरण करते हुए इन चारों सांसद आदर्श गांवों को खुले में शौच से मुक्ति के लिए सौ से अधिक घरों में शौचालय बनवाए जा रहे हैं.गौरतलब है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक योजना है, जिसमें तीन बातों पर जोर दिया गया है. यह मांग पर आधारित हो, समाज द्वारा प्रेरित हो और इसमें जनता की भागीदारी हो. इस योजना का उद्देश्य संबंधित सांसद की देख-रेख में चुनी हुई ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है. इस योजना में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार पर भी जोर दिया जाता है. यह गांव आस-पास की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी आदर्श बनें.

Updated : 21 Feb 2019 7:01 AM GMT
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