आज भी लोगों को सीख दे रहे हैं रावण के मुख से निकले आखरी शब्द

आज भी लोगों को सीख दे रहे हैं रावण के मुख से निकले आखरी शब्द

उदय सर्वोदय (डेस्क रिपोर्ट): रामायण तो आप सभी ने  पढ़ी ही होगी लेकिन क्या आपको पता है कि रावण ने अपनी मृत्यु से पहले लक्ष्मण को कुछ बातें कही थी। अगर नहीं पता तो आज हम आपको बताते हैं। भगवान राम ने जब लंकाधिराज रावण का वध किया था तभी उसने राम के छोटे भ्राता लक्ष्मण से कुछ चंद बातें कही थी जिन बातों को आज काफी सारे लोग दोहरा कर उनसे सीख लेते हैं। आज के ग्रहस्ती जीवन और इस कलियुग पर वो अंतिम चार बातें एकदम सही बैठती हैं।

आइये पहले जान लेते हैं कि वो चार बातें क्या थी –

  • लक्ष्मण कभी भी अपने साथी, अपने ख़ास व्यक्ति और अपने भ्राता से दुश्मनी मोल मत लेना, वे कभी भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। चाहे हर बार तुम्हारी ही जीत क्यूँ ना हो लेकिन हर बार खुद को विजेता मानना गलत है।
  • भरोसा केवल उसी व्यक्ति पर करो जो कि तुम्हारी हर वक्त आलोचना करता हो, और कभी भी अपने दुश्मन को छोटा या फिर कमजोर समझने की भूल मत करना। क्या पता जो दिख रहा है वो कोई भ्रम हो।
  • इस ग़लतफ़हमी में कभी मत रहना कि आप किस्मत को हरा सकते हो। जो आपके भाग्य में लिखा है उसे तो आपको भोगना ही होगा। आप किसी भी व्यक्ति और ईश्वर से प्रेम करो या फिर नफ़रत, लेकिन पूरे समर्पण के साथ करो।
  • अगर आप किसी से जीतना चाहते हो तो आपको अपना लालच दूर रखना होगा, वरना जीत संभव नहीं है। राजा को अपनी प्रजा की भलाई करने के लिए कभी भी सोच विचार नहीं करना चाहिए।

ये तो थी वो चार बातें जो कि रावण ने लक्ष्मण से कही थी, लेकिन यहाँ पर चर्चा करने वाला विषय ये है कि , जो भी बातें रावण ने लक्ष्मण से कही थी आज के आधुनिक काल में ठीक उनका विपरीत हो रहा है। हर किसी को जीतने की होड़ लगी है, एक दुसरे से जलन की भावनाएं जाग चुकी हैं। बहुत सारे लोग आज भी अपनी किस्मत बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जो ऊपर वाले ने लिखा है होना वो ही है। कुल मिला कर ऊपर कही गयी चार बातों का पालन देश में केवल कुछ ही लोग कर रहे हैं। दरअसल कुछ कुछ लोगों ने इस से शिक्षा ली है, जो कि आज अपने जीवन में सफल हो चुके हैं। यदि एक संघर्ष करता हुआ युवा इन बातो को अपने मन में अच्छी तरह से बसा ले तो उस युवा को सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता।

Uday Sarvodaya Team

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