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सीडी कांड का जिन्न फिर बोतल से बाहर

सीडी कांड का जिन्न फिर बोतल से बाहर
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कठघरे में ¦ रमेश कुमार ‘रिपु’कथित सेक्स सीडी कांड में पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सरकार को कठघरे में खड़े करने के मकसद से जमानत नहीं ली और जेल चले गए. सवाल यह है कि कांग्रेस के जेल भरो आंदोलन से क्या उसे सियासी लाभ मिलेगा, जब यह खुलासा हो गया कि बीजेपी नेता ने सीडी बनवाई थी.


छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण मंत्री राजेश मूनत की कथित सेक्स सीडी कांड एक साल बाद फिर सुर्खियों में है. इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने दो आरोपी पत्रकार विनोद वर्मा और विजय भाटिया को जमानत दे दी लेकिन पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अपने लिए जमानत पेश नहीं की. रमन सरकार को कथित सेक्स सीडी कांड में कठघरे में खड़ा करने के मकसद से वे जेल चले गए. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के कहने पर भी वे (भूपेश बघेल) जेल से बाहर आने को तैयार नहीं हंै.कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि चुनाव के प्रचार-प्रसार की कमान कौन संभालेगा. इस मामले पर 24 सितंबर को ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भूपेश बघेल जमानत नहीं लेंगे. सीबीआई का समन 23 सितंबर को मिलने के बाद कांग्रेस ने यह रणनीति बनाई कि भूपेश के जेल जाने पर प्रदेश भर में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा. सरकार को घेरा जाएगा. कोर्ट ने 8 अक्टूबर तक के लिए भूपेश को जेल भेज दिया है. भूपेश पर नकली सीडी दिल्ली से लाने और साजिश रचने का आरोप है.भाजपा बैकफुट परइस हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे से सवाल यह खड़ा होता है कि बिलासपुर में पुलिस ने कांग्रेसियों को उनके दफ्तर में घुसकर लाठी से पीटा तो राहुल गांधी ने भूपेश के समर्थन में ट्वीट कर सरकार को निशाने पर लिया. लेकिन भूपेश बघेल के जेल जाने के बाद भी उन्होंने चुप्पी साध ली है. इस सीडी कांड में मुख्य आरोपी कैलाश मुरारका ने कोर्ट में सरेंडर करने के बाद यह कहकर सनसनी फैला दी कि भूपेश बघेल का इस सीडी कांड से कोई लेना-देना नहीं है. इससे भाजपा बैकफुट पर आ गई है. सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक मुख्य आरोपी मुरारका ने 75 लाख 98 हजार में हाई प्रोफाइल मंत्री राजेश मूनत की फर्जी सेक्स सीडी बनवाई. इस खेल में कई लोग शामिल थे. लेकिन सीबीआई ने मुख्य रूप से तीन लोगों को इसका आरोपी माना है. मुरारका ने मुख्य रूप से इस काम का जिम्मा विजय पंड्या को सौंपा. उसे 75 लाख रुपये मुरारका ने दिए और पंड्या के सहपाठी मानस साहू को 98 हजार रुपए दिए थे. इस मामले में एक उद्योगपति समेत कई पत्रकार हैं, जिन्हें गवाहों की लिस्ट में रखा गया है, जिसमें लगभग 100 नाम हैं. गौरतलब है कि सीडी कांड ने पिछले साल 27 अक्टूबर को प्रदेश के सियासी जगत में हलचल मचा दिया था. भाजपा ने मुरारका को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया है.भूपेश बघेल को माफ नहीं करेगी जनतामुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल को हुए जेल पर कहा, वे गांधी जी की नीतियों को शर्मसार कर रहे हैं. आजादी की लड़ाई में जिन्होंने अहिंसा, सत्य के लिए लड़ाई लड़ी, उनके नाम को सीडी दिखाकर बदनाम कर रहे हैं. भूपेश ने ऐसी सीडी दिखाई जिसे माता-बहन कोई नहीं देख सकतीं. इस हरकत के लिए उन्हें जनता का साथ नहीं मिल रहा बल्कि धिक्कार रही है. भूपेश बघेल को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए. यह घटना छत्तीसगढ़ के लिए दुर्भाग्यजनक है. सीडी दिखाकर किसी मंत्री का राजनीतिक कॅरियर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा था. ये छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान है. कांगे्रस दो तरह की बातें करती है. पहले सीबीआई की मांग करती है और फिर उसे सीबीआई पर भरोसा नहीं.ड्रामेबाज हैं भूपेश: अमित जोगीप्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक कहते हंै, सीडी कांड की कूट रचना में भूपेश बघेल का ही हाथ था. यह बात जांच से सामने आ गई. कायदे से राहुल गांधी को भूपेश बघेल को प्रदेश अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर देना चाहिए. कांग्रेस के स्क्रिप्ट राइटर पुनिया और हीरो बनने चले भूपेश को यह समझ में आ गया कि इस चैप्टर में वे खलनायक बनकर उभरे हैं तो स्टोरी में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.वहीं इस मामले पर मरवाही विधायक अमित जोगी कहते हैं, ड्रामेबाज हैं भूपेश बघेल. जेल जाना चुनावी स्टंट है. फर्जी सीडी की फैक्ट्री चलाने वाले जेल जाकर सत्याग्रह करने की बात कहकर बापू के पवित्र सत्याग्रह शब्द को कलंकित कर रहे हैं. कथित सेक्स सीडी कांड मामले पर पत्रकार विनोद वर्मा ने कहा, पूेरा केस फर्जी है. उन्हें जिस आरोप में 2 महीने तक जेल में रखा गया था उसे सीबीआई ने हटा लिया है. मैं सरकार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा.पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, साजिश के तहत सीडी कांड में उन्हें फंसाया गया है. यह बिलासपुर लाठी चार्ज की घटना को डाइवर्ट करने के लिए किया गया है. इस घटना को सियासी रंग देने के लिए प्रदेश भर में कांग्रेसियों ने जेल भरो आंदोलन को अंजाम दिया. लेकिन कांग्रेस जैसा चाहती थी वैसा आक्रोश प्रदेश में देखने को नहीं मिला. सीडी जैसी चलनी थी, वैसी नहीं चली. चूंकि चुनावी साल है, प्रत्याशी तय होने हैं. भूपेश बघेल को जेल से बाहर लाने को कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता मनाने में लगे हंै. भूपेश यदि 8 अक्टूबर को जमानत नहीं लेते हैं तो फिर कांग्रेस कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष के जरिये चुनाव की रणनीति तय कर सकती है और सीडी कांड को भुनाने की कोशिश करेगी.

Updated : 11 Oct 2018 2:28 PM GMT
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