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केवडिया पहुंचे राजनाथ ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का किया दौरा, कंबाइंड कमांडर्स समिट में हुए शामिल

सम्मेलन का आयोजन पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग लेक के समीप भारत और चीन के बीच हुए डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के पूरा होने के बाद किया जा रहा है।

केवडिया पहुंचे राजनाथ ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का किया दौरा, कंबाइंड कमांडर्स समिट में हुए शामिल
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उदय सर्वोदय

गांधीनगर: देश के टॉप कमांडरों की संयुक्त कॉन्फ्रेंस गुरुवार को शुरू हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी केवडिया पहुंच चुके हैं। इस खास सम्मेलन में रक्षा तैयारियों की समीक्षा होगी।

रक्षा मंत्री ने इस बारे में एक ट्वीट करते हुए कहा है कि, मैं आज से दो दिन की यात्रा पर गुजरात के केवडिया के लिए रवाना हो रहा हूं। यहां संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन का आयोजन किया गया है जिसमें देश की सुरक्षा स्थिति और रक्षा तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। सम्मेिलन में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संबोधित करेंगे।

इस सम्मेतलन का आयोजन पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग लेक के समीप भारत और चीन के बीच हुए डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के पूरा होने के बाद किया जा रहा है। वीरवार को इस सम्मेरलन में कमांडर्स ने अलग-अलग मामलों पर प्रजेंटेशन दी थी। इस सम्मेहलन में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) की मौजूदा स्थिति को लेकर भी चर्चा की गई थी।


इस दौरे के दौरान शुक्रवार को सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीओएएस जनरल एमएम नरवणे, नौसेना प्रमुख एडमिरल कदंबीर सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और आईएएफ के मुख्य एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया।

इसके बाद रक्षा मंत्री कंबाइंड कमांडर्स सम्मेलन में शामिल हुए, जहां उन्होने सैन्य तैयारियों की समीक्षा की। इस सम्मेलन में पहली बार जवान और जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) भी शिरकत कर रहे हैं।


इस सम्मेलन में देश के संयुक्त शीर्ष स्तर का सैन्य नेतृत्व सशस्त्र बलों की सुरक्षा स्थिति और रक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान भविष्य के लिए संयुक्त सैन्य दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रासंगिक संगठनात्मक मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहा है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पूर्व की तुलना में इस वर्ष सम्मेलन एक बड़ा बदलाव हो रहा है। इस साल सम्मेलन के दायरे का विस्तार किया गया है। इससे तीनों सेनाओं से लगभग 30 अधिकारियों और विभिन्न रैंकों के सैनिकों की बहुस्तरीय, इंटरैक्टिव, अनौपचारिक और सूचित भागीदारी हो रही है। मुख्य रुप से सशस्त्र बलों के लिए प्रासंगिक मुद्दों और राष्ट्र निर्माण में इनकी भूमिका पर चर्चा और विचार-विमर्श की श्रृंखला को समाहित किया गया है, साथ ही सैन्य कर्मियों की बहुस्तरीय भागीदारी के अलावा वरिष्ठतम राजनीतिक और नौकरशाही से जुड़े अधिकारियों की भागीदारी शामिल है।

शीर्ष सैन्य अधिकारियों का यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सेनाओं के पीछे हटने को लेकर लगातार बातचीत जारी है।

Updated : 5 March 2021 11:00 AM GMT
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