Home > सेहत > गर्भावस्था में खानपान से जुड़े कुछ मिथक और उनकी सच्चाई

गर्भावस्था में खानपान से जुड़े कुछ मिथक और उनकी सच्चाई

गर्भावस्था में खानपान से जुड़े कुछ मिथक और उनकी सच्चाई
X

उदय सर्वोदय

हर गर्भवती महिला यही चाहती है कि जन्म के समय उसका बच्चा स्वस्थ और तंदुरुस्त हो। इसलिए, गर्भवती महिलाएं अपने आहार में कई नई चीजों को शामिल करती हैं। फिर भी अधिकतर महिलाओं को यह पता नहीं होता कि गर्भधारण करने के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए । दरअसल इसका एक कारण ये भी है कि गर्भावस्था में खानपान से जुड़े कुछ मिथक हैं जिन्हे हम यहाँ आज बताने जा रहे हैं|

गर्भावस्था में खाने-पानी की चीजों से जुड़े मिथक :

हमारे समाज में गर्भावस्था में खाने-पीने की चीजों को लेकर बहुत सारे मिथक प्रचलित हैं। इनमें से कई मिथकों पर तो पढ़े-लिखे लोग भी भरोसा करते हैं। नीचे हम ऐसे ही कुछ मिथकों और उनसे जुड़े तथ्यों के बारे में बता रहे हैं :

मिथक : गर्भवती महिला को दो लोगों के लिए खाना चाहिए।

तथ्य : यह बात पूरी तरह से गलत है। जबर्दस्ती ज्यादा भोजन करने से वजन बढ़ता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को संतुलित मात्रा में केवल पौष्टिक भोजन ही करना चाहिए।

मिथक : हल्के रंग का भोजन करने से गोरा बच्चा पैदा होता है।

तथ्य : अक्सर सुना जाता है कि हल्के रंग की कुछ खास चीजें, जैसे टोफ़ू, सोया उत्पाद, आदि खाने से गोरा बच्चा पैदा होता है, लेकिन इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। बच्चे का रंग उसके जीन पर निर्भर करता है, न कि किसी तरह के गर्भावस्था में भोजन पर।

मिथक : पपीता और अनानास खाने से गर्भपात हो सकता है।

तथ्य : ऐसा नहीं है। पपीता अगर ठीक से पका हुआ हो, तो उसे खाना सुरक्षित होता है। गर्भपात ज्यादातर किसी स्वास्थ संबंधी परेशानियों के चलते होता है। रही बात अनानास की, तो उसे भी गर्भावस्था में खाया जा सकता है।

मिथक : गर्भावस्था में जड़ी-बूटियां और टॉनिक लेने से बुद्धिमान बच्चा पैदा होता है।

तथ्य : बाजार में गर्भवती महिलाओं के लिए कई तरह के टॉनिक उपलब्ध हैं, लेकिन इनके सेवन से बुद्धिमान बच्चा पैदा होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

मिथक : फुल क्रीम दूध ज्यादा पौष्टिक होता है।

तथ्य : कम फैट वाले दूध में भी उतने ही पौष्टिक तत्व होते हैं जितने फुल क्रीम दूध में।

मिथक : गर्भावस्था में केसर या संतरा खाने से गोरा बच्चा जन्म लेता है।

तथ्य : यह बात पूरी तरह से मिथक है। सच्चाई ये है कि शिशु का रंग उसके जीन पर निर्भर करता है। कुछ विशेष चीजें खाने से शिशु के रंग पर कोई असर नहीं पड़ता है।

मिथक : गर्भावस्था में घी या मक्खन खाने से प्रसव में आसानी होती है।

तथ्य : यह बात भी पूरी तरह से गलत है। सच्चाई ये है कि सामान्य प्रसव कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे कि शिशु के आकार। गर्भ में शिशु की अवस्था का प्रसव की जटिलता या सरलता से सीधा संबंध होता है।

मिथक : मसालेदार भोजन करने से प्रसव शुरू हो सकता है।

तथ्य : इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हां, मसालेदार भोजन करने से गर्भवती महिलाओं को पेट में जलन, एसिडिटी या गैस की शिकायत हो सकती है। इसलिए, गर्भवती औरतों को मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए।


Updated : 13 Oct 2021 8:31 AM GMT
Tags:    

Shivani

Magazine | Portal | Channel


Next Story
Share it
Top
myths, facts, pregnancy, food