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इंदिरा का तीसरा बेटा कमलनाथ

इंदिरा का तीसरा बेटा कमलनाथ
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72 वर्षीय कमलनाथ नौ बार सांसद, केंद्रीय मंत्री के रूप में संसदीय कार्य, शहरी विकास जैसे अहम विभाग संभाले चुके हैं। वर्तमान लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। कांग्रेस के सबसे विश्वसनीय नेताओं में माने जाते हैं।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे कमलनाथ!खास बात यह है कि 8 महीने पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने कमलनाथ को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपना तीसरा बेटा मानती थीं। 1979 में मोरारजी देसाई की सरकार से मुकाबले में इंदिरा के मददगार कमलनाथ अब 39 साल बाद उनके पोते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए भी दमदार साबित हुए हैं। लोकसभा में कमलनाथ छिंदवाड़ा की नौ बार नुमाइंदगी कर चुके हैं। इंदिरा गांधी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट के प्रत्याशी कमलनाथ के लिए चुनाव प्रचार करने आई थीं। इंदिरा ने तब मतदाताओं से चुनावी सभा में कहा था कि कमलनाथ उनके तीसरे बेटे हैं, कृपया उन्हें वोट दीजिए। कमलनाथ का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम महेंद्रनाथ और माता का लीला है। कमलनाथ देहरादून स्थित दून स्कूल के छात्र रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता से स्नातक किया। सिलवर जुबली कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी कांग्रेस – अजय माकनज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह राहुल गांधी ने कमलनाथ को इस साल मध्य प्रदेश का कांग्रेस अध्यक्ष बनाया। कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी जैसे प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं को एक साथ लाने का काम किया। समाज के हर तबके के लिए योजनाओं के कारण चौहान की लोकप्रियता से वाकिफ चुनाव अभियान की शुरुआत में ही कमलनाथ ने बीजेपी पर हमला शुरू कर दिया। अभियान के जोर पकड़ने पर पार्टी की ओर मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए राज्य कांग्रेस ने 'वक्त है बदलाव का' नारा दिया। कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान में चौहान के उन वादों पर फोकस किया जिसे पूरा नहीं किया जा सका। पार्टी ने चौहान को घोषणावीर बताया, जिसके बाद सरकार द्वारा घोषित योजनाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

Updated : 14 Dec 2018 4:22 AM GMT
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