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घूस मांगते हुए पकडे गये दरोगा, रीबॉक की जगह रीबुक तक ना मिला

घूस मांगते हुए पकडे गये दरोगा, रीबॉक की जगह रीबुक तक ना मिला
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बिहार, ब्यूरो | जैसे जीने के लिए ऑक्सीजन चाहिए । वैसे एक आदर्श भारतीय परिवार होने के लिए लाइफ में प्रॉपर्टी का विवाद तो होना मांगता ही है । शत्रुघ्न यादव की भी यही कहानी है । पटना के रहने वाले शत्रुघ्न के पास कुछ पुश्तैनी जमीन है । जिसपर कुछ लोग कब्ज़ा जमाने की कोशिश कर रहे हैं । इससे बचने के लिए वो दरोगा के पास गए और गुहार लगाई कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कार्यवाई हो । धारा 144 लागू होने पर किसी जगह 4 से ज्यादा लोग इकट्ठे हों तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है । शत्रुघ्न, सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार से पास पहुंचे । एसआई ने कहा कि बलिदान देना होगा सात हजार का, जो कथित तौर पर उन्हें दिए गए । लेकिन फिर उन्हें लगा कि जब पार्टी पैसा दे रही है तो अच्छे से निचोड़ा जाए । एसआई ने अपने साथी मुकेश को काम पर लगाया । उसके ज़रिये अपने बेटे के लिए जूतों की डिमांड की ।

मुकेश, शत्रुघ्न को एक दुकान पर ले गया, जहां उसने 2500 रुपये का रीबॉक कंपनी का जूता पसंद किया । पसंद करते टाइम शत्रुघ्न, मुकेश और पंकज में बातचीत हुई थी । जिसका ऑडियो वायरल हो गया है । पीड़ित का दावा है कि एसआई साहब जूते का कलर पूछकर कन्फर्म कर रहे थे । ब्लू कलर फाइनल हुआ था और ऑडियो वायरल होते ही एक तो जूते वाली बात बाहर आई । ऊपर से पहले दी गई सात हजार की घूस के बारे में भी सबको पता चला गया । नतीजतन ईएसआई पंकज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। दीघा थाना के एसएचओ का फूल देव चौधरी ने इसपर सिर्फ इतना ही कहा है कि उन्हें नहीं मालूम उनके पीछे क्या हुआ, क्योंकि वो तो छुट्टी पर थे ।

Updated : 23 Sep 2019 10:03 AM GMT
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