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झारखंड: रांची समेत अनेक शहरों में बंद के समर्थन में हुआ प्रदर्शन

झारखंड में मंगलवार को लगभग सभी सरकारी कार्यालय खुले रहे, लेकिन निजी संस्थान एवं दुकानें आंशिक तौर पर बंद रहीं।

झारखंड: रांची समेत अनेक शहरों में बंद के समर्थन में हुआ प्रदर्शन
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उदय सर्वोदय

रांची: झारखंड में नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के 'भारत बंद' के आह्वान का मिला-जुला असर दिखा। मंगलवार को यहां लगभग सभी सरकारी कार्यालय खुले रहे, लेकिन निजी संस्थान एवं दुकानें आंशिक तौर पर बंद रहीं। राज्य में स्थानीय यातायात अधिकतर सामान्य है, लेकिन अंतरराज्यीय यातायात ठप है।

राजधानी रांची, धनबाद, हजारीबाग, जमशेदपुर, पलामू, दुमका, बोकारो, साहिबगंज और पाकुड़ समेत सभी 24 जिलों में बंद का मिला-जुला असर दिखा और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। झारखंड के पुलिस महानिदेशक एमवी राव ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्थिति शांतिपूर्ण है और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

रांची में केन्द्र एवं राज्य सरकार के सभी कार्यालय सामान्य ढंग से खुले लेकिन निजी संस्थानों, दुकानों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बंद का आंशिक असर दिखा।

बंद का विरोध झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने किया है, जबकि सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस एवं राष्ट्रीय जनता दल के साथ वामपंथी दलों ने बंद का समर्थन किया है। रांची समेत अनेक शहरों में इसके समर्थन में प्रदर्शन किए गए।

मुख्यमंत्री तथा झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने बंद का पूर्ण समर्थन किया और कहा कि किसानों की मांगें पूरी तरह उचित हैं और उनकी पार्टी इसका पूर्ण समर्थन करती है। वहीं कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बंद का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों के साथ केन्द्र की मोदी सरकार लगातार नाइंसाफी कर रही है। केंद्र सरकार ने पहले भूमि अधिग्रहण कानून लाकर 2015 में किसानों को बदहाल करने की कोशिश की और अब कृषि कानून लाकर वह किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाना चाहती है।

उधर राजद और वामपंथी दलों ने भी केन्द्र सरकार पर किसान विरोधी होने के आरोप लगाये और भारत बंद का समर्थन किया। भारत बंद के चलते जहां सभी जिलों में स्थानीय यातायात पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है, वहीं अंतरराज्यीय बस सेवाएं ठप हैं।

दुमका में पट्टाबाड़ी चौक पर झामुमो ने सड़क बाधित कर बंद का समर्थन किया। जबकि कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष मनोज सहाय पीकू के नेतृत्व में कोडरमा के विभिन्न स्थानों पर कोंग्रेसियों ने भारत बंद का समर्थन किया।

पलामू में बंद के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व झारखंड प्रदेश सचिव कृष्ण देव सिंह ने आरोप लगाया कि ब्रिटिश कंपनी चुनिंदा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर ही कायदे-कानून बनाया करती थी, ताकि कृषि क्षेत्र में सत्ता का एकाधिकार स्थापित हो और यही काम मोदी सरकार कर रही है।

Updated : 8 Dec 2020 8:16 AM GMT
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