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झारखंड के 40 हजार अधिवक्ताओं के सामने भुखमरी के हालात, जानिए क्या है वजह?

सोमवार को अधिवक्ता कल्याण समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग को लेकर रणधीर वर्मा चौक से सिविल कोर्ट धनबाद तक पैदल मार्च किया।

झारखंड के 40 हजार अधिवक्ताओं के सामने भुखमरी के हालात, जानिए क्या है वजह?
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उदय सर्वोदय

धनबाद: झारखंड के 40 हजार अधिवक्ताओं के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। सोमवार को अधिवक्ता कल्याण समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग को लेकर रणधीर वर्मा चौक से सिविल कोर्ट धनबाद तक पैदल मार्च किया। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने प्रभारी रजिस्ट्रार सिविल कोर्ट गौरव खुराना के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

इस बाबत जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष धनेश्वर महतो ने बताया कि फिजिकल कोर्ट नहीं होने से अधिवक्ताओं की माली हालत खराब हो गई है। मुख्यमंत्री, उपायुक्त एवं बार काउंसिल के चेयरमैन को ज्ञापन भेजकर जल्द से जल्द फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग की गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद कोर्ट भी बंद कर दिया गया। इसके बाद से 40 हजार अधिवक्ताओं के समक्ष विकट समस्या खड़ी हो गई है। पेशे में तो अधिवक्ता कोर्ट का प्रथम अधिकारी होता है पर उन्हें किसी भी प्रकार का कोई सरकारी लाभ नहीं मिलता है। अधिकांश अधिवक्ता का जीवन प्रतिदिन न्यायालय में कार्य करने पर होने वाली आमदनी से चलता है।

लॉकडाउन के कारण बीते मार्च महीने से सिविल कोर्ट धनबाद में वर्चुअल कोर्ट के द्वारा मुकदमों की सुनवाई की जा रही है। धनबाद में अधिकांश अधिवक्ता ऐसे हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है वो दूर दराज ग्रामीण इलाकों से आते हैं। ऐसे में उनके समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है। राज्य में सभी सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों में काम काज शुरू हो गया है। हाट, बाजार, मॉल में भी सामान्य स्थिति है परंतु कोर्ट नही खोला जा रहा है।

धनबाद बार काउंसिल के स्टियरिंग कमिटी के कनवेनर सह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि यह कार्यक्रम बार एसोसिएशन का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है। एसोसिएशन एवं काउंसिल द्वारा पूर्व में मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कांउसिल के साथ 8 जनवरी की तारीख बैठक के लिए निर्धारित की है। मुख्य न्यायाधीश की ओर से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला तो बार काउंसिल और एसोसिएशन फिजिकल कोर्ट की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय करेगा।

Updated : 4 Jan 2021 10:21 AM GMT
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Uday Sarvodaya

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