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मध्य-प्रदेश: सरकारी ऑफिसर गरीब किसानों को रिश्वत के नाम पर कर रहे परेशान

मध्य-प्रदेश: सरकारी ऑफिसर गरीब किसानों को रिश्वत के नाम पर कर रहे परेशान
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मध्य-प्रदेश, ब्यूरो | मध्यप्रदेश टूरिज्म का एक स्लोगन काफी फेमस है ‘एमपी अजब है, सबसे गजब है’, क्यूंकि आये दिन मध्य प्रदेश में अजब-गजब घटानाएं होती रहती हैं । जिसमे से एक मामला सामने आया है । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज तहसील के नायब तहसीलदार ने जब एक आदमी से पच्चीस हजार रुपए घूस मांगी तो उस आदमी ने अपनी भैंस ले जाकर उस नायब तहसीलदार की गाड़ी से बांध दी । आरोप लगाने वाले भूपेंद्र सिंह का कहना है कि वह पिछले 6 महीने से जमीन के एक मामले को लेकर लगातार नायब तहसीलदार के पास आ रहे हैं । लेकिन वह काम करने से मना कर रहे हैं और पैसे मांग रहे हैं । मेरे पास पैसे नहीं हैं, मेरे पास जो चीज़ सबसे ज्यादा कीमती है, वह मेरी भैंस है । इसलिए मैंने नायब तहसीलदार को वही दे दी ।

भूपेंद्र सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर नायब तहसीलदार सिद्दार्थ सिंघल ने कहा है कि मुझ पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं । भूपेंद्र यह सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं । अब पहले तो ये बात समझ नहीं आती कि बेचारा गरीब पब्लिसिटी का करेगा क्या उसे तो केवल अपने काम से मतलब है । जब भूपेंद्र के अटके हुए काम को लेकर तहसीलदार से पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया । एक लम्बी चौड़ी बहस के बाद भूपेंद्र अपनी भैंस को घर ले गए और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम एक मेमोरेंडम छोड़ गए । इस मेमोरेंडम को उन्होंने एसडीएम संजय जैन को सौंपा । संजय ने भूपेंद्र द्वारा नायब तहसीलदार पर लगाए गए आरोपों की जांच की बात कही है ।

Updated : 12 Sep 2019 8:02 AM GMT
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