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बेकार प्लास्टिक से मदर डेयरी ने बनाया रावण का 25 फीट का पुतला

बेकार प्लास्टिक से मदर डेयरी ने बनाया रावण का 25 फीट का पुतला
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रिपोर्ट ¦ देबदुलाल पहाड़ीनई दिल्ली: महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर मदर डेयरी ने प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए एक जागरुकता अभियान चलाया जिसके तहत कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर के घरों से एकत्रित किए गए बेकार प्लास्टिक का उपयोग करते हुए रावण का 25 फीट का पुतला बनाया।

  • मदर डेयरी ने प्लास्टिक के रावण को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा
  • उपभोक्ताओं से प्लास्टिक पैकेजिंग रहित टोकन वाला दूध अपनाने का आग्रह किय
इस मौके पर मदर डेयरी ने नई दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क पर एक जागरुकता मार्च का आयोजन भी किया, जिसमें दिल्ली-एनसीआर से 2000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें उपभोक्ता, कर्मचारी, पूर्व-सेवाकर्मी बूथ आॅपरेटर एवं अन्य हितधारक शामिल थे, जिन्होंने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की शपथ भी ली।ये भी पढ़ें ⇒ सफदरजंग में भी बुजुर्गों के लिए अलग से ओपीडी, रविवार को भी होगा इलाजरावण के पुतले को जलाया नहीं गया, बल्कि ध्वस्त करके, केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा प्रमाणित उत्पादक उत्तरदायित्व संगठन (पीआरओ) आईपीसीए द्वारा रीसायक्लिंग के लिए भेज दिया गया। कूड़े का संग्रहण दिल्ली, गुरूग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाज़ियाबाद से किया गया; इसके अलावा इन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं ने चुनिंदा मिल्क बूथों पेर प्लास्टिक का कचरा भी जमा किया। इस अभियान को अग्रणी एनजीओ संगठनों ने समर्थन दिया, जिन्होंने हर घर से कचरा इकट्ठा करने में मदद की।
इस पहल पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए संग्राम चैधरी, प्रबंध निदेशक, मदर डेयरी ने कहा, ‘‘एक ज़िम्मेदार संगठन के रूप में हमारा मानना है कि हमें रोज़मर्रा के जीवन में प्लास्टिक के इस्तेमल को कम करने के लिए जागरुकता बढ़ानी चाहिए! इसी दृष्टिकोण के साथ यह अभियान शुरू किया गया है, हम दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने इस पहल को अपना समर्थन दिया है। इन संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप ही हम क्षेत्र के 4000 परिवारों से समय से पहले कूड़ा Mother dairyइकट्ठा करने में कामयाब रहे और पिछले दो दिनों में हमने अतिरिक्त घरों से कूड़ा इकट्ठ किया है। इस तरह कुल मिलाकर क्षेत्र के 5000 से अधिक घरों से कूड़ा इकट्ठा किया गया है। हम टोकन वाला दूध लेने वाले उपभोक्ताओं के प्रति भी आभारी हैं, जो रोज़ाना टोकन वाला दूध खरीद कर हरित फुटपिं्रन्ट को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक संख्या में उपभोक्ता हमारी इस पहल के साथ जुड़ेंगे और प्लास्टिक के इस्तेमाल के कारण होने वाले खतरे को कम करने में योगदान देंगे।’’
प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के बारे में बढ़ती जागरुकता तथा टोकन वाला दूध अपनाने वाले उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कंपनी एनसीआर क्षेत्र मंे आपूर्ति के लिए रोज़ाना 10 लाख लीटर टोकन वाले दूध के प्रसंस्करण की क्षमता रखती है। मदर डेयरी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए अपनी बुनियादी सुविधाओं तथा मोबाइल मिल्क डिस्पेन्सिंग युनिट्स के विस्तार पर भी काम कर रही है।वर्तमान में मदर डेयरी के टोकन वाले दूध की कीमत रु 40 प्रति लीटर है, जो पैकेज्ड दूध की तुलना में रु 4 प्रति लीटर तक सस्ता है; कंपनी टोकन वाले दूध को सालाना रु 90 करोड़ का प्रोत्साहन दे रही है। टोकन वाले दूध के इस्तेमाल से प्लास्टिक का सालाना इस्तेमाल 900 मीट्रिक टन तक कम होता है, रोज़ाना दूध खरीदने वाला एक परिवार प्रतिदिन झ6 ग्राम कम प्लास्टिक के उत्पादन में योगदान देता है और हर साल हर परिवार 2.30 किलोग्राम कम प्लास्टिक के उत्पादन में योगदान दे सकता है।ये भी पढ़ें ⇒ कैंसर का इलाज प्रोटोन बीम थेरेपी से संभव : डॉ. दत्तात्रेयुदुभारत के प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मदर डेयरी ने 25 राज्यों में प्लास्टिक के संग्रहण और रीसायक्लिंग की शुरूआत की है, जिसके तहत केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा मान्यता प्राप्त अग्रणी उत्पादक उत्तरदायित्व संगठन (पीआरओ) की मदद से मार्च 2020 तक 832 टन इस्तेमाल किए जा चुके प्लास्टिक को संग्रहित और रीसायकल करने का लक्ष्य तय किया गया है। मदर डेयरी ने प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए वैकल्पिक पैकेजिंग एवं डिलीवरी प्रणाली के विकास पर अनुसंधान करना शुरू कर दिया है।

Updated : 2 Oct 2019 3:17 PM GMT
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