नासा की तस्वीरों में दिखा मंगल ग्रह पर एलियंस का अड्डा

नई दिल्ली (एजेंसी) : NASA के प्रमुख UFO (अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट) विशेषज्ञ ने 17 साल पहले ली गई एक तस्वीर के आधार पर मंगल ग्रह पर एलियंस का अड्डा होने का चौंकाने वाला दावा किया है. वैज्ञानिक स्कॉट सी वैरिंग का कहना है कि ये अड्डा काफी पुराना है.

इस तरह देखा गया पहली बार

साल 2001 के मार्स ओडिसी मिशन के दौरान कथित तौर पर ओलंपस मोंस ज्वालामुखी के करीब एलियंस का ये अड्डा नजर आया था और इसकी तस्वीरें खींची गई थीं. बता दें कि ओलंपस मोंस ब्रह्मांड में मिला अब तक का सबसे बड़ा ज्वालामुखी है.

एलियंस का पिरामिड

नासा की इस तस्वीर में नीचे कोने पर एक पत्थर की संरचना देखी जा सकती है, जो कि UFO एक्सपर्ट वैरिंग के अनुसार एलियंस की बिल्डिंग है. वैरिंग जो कि ‘यूएफओ साइटिंग्स डेली’ नाम का एक ब्लॉग चलाते हैं, ने दावा किया था कि फोटो में साफ-साफ एलियंस का एक पिरामिड देखा जा सकता है जो कि एक बिल्डिंग से जुड़ा हुआ है.

सुरंगें भी बना रखी हैं

वैज्ञानिक के अनुसार- जो बात ठीक से समझ आती है वह यह है कि एक चौकोर ढांचा एक पिरामिड जैसी जगह के साथ सुरंग के जरिए जुड़ा हुआ है. वैरिंग कहते हैं, मुझे समझ आता है कि जिन एलियंस ने इसे बनाया है, वे न सिर्फ इस ग्रह के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं बल्कि उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुरंगें भी बना रखी हैं. इस अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट तलाशने वाले वैज्ञानिक के मुताबिक NASA की फोटो में दिखने वाला यह एलियन बेस मंगल पर फैले सैकड़ों बेस में से एक है.

एलियंस की तलाश जारी

वैरिंग को UFO के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों में काफी बड़ा और भरोसेमंद नाम माना जाता है. उन्होंने एलियंस की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए मंगल ग्रह और चंद्रमा की ऐसी हजारों तस्वीरों का अध्ययन किया है. कई बार उनकी तस्वीरों में सिर्फ पत्थर और एलियन जैसी छायाएं नज़र आती हैं लेकिन यह खोजी वैज्ञानिक एलियंस के अस्तित्व पर पूरी तरह से विश्वास करता है.

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