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बेहतर भारत के निर्माण के लिए राष्ट्रीय युवा संसद की पहल    

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नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) : समृद्धि की ओर बढ़ते भारत का एक सक्रिय हिस्सा बनने के लिए राष्ट्रीय युवा संसद ने युवाओं को एक अवसर प्रदान किया. आज हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा आबादी वाला उपमहाद्वीप है. इसकी बढ़ती अर्थव्यवस्था, इसकी लोकतांत्रिक मजबूती इसे एक सम्पन्न एवं गौरवशाली गणतंत्र तथा एक सक्षम व संप्रभु राष्ट्र बनाता है. ऐसे में आज युवाओं की शक्ति राष्ट्र की ताकत बने तो यह तय है कि आज का युवा कल की आशा, विश्वास, शक्ति, विकास की गारंटी बन सकता है.Amana-Mirzaयह सर्वमान्य सत्य है कि किसी भी देश का लोकतंत्र लोगों का, लोगों के लिए तथा लोगों के द्वारा संचालित होता है, लेकिन वर्तमान समय में यह होता नहीं दिख रहा है. इस सन्दर्भ में युवा संसद का तीसरा संस्करण युवाओं को एक ऐसे धरातल की मजबूत भूमिका उपलब्ध कराने का काम कर रहा है, जो विद्वानों की सलाह लेकर आज और कल के एक बेहतर भारत का निर्माण का खाका खींच सके.ये भी पढ़ें... नफरत का ‘चिह्न’ हैं नरेन्द्र मोदी : राहुल गांधीबता दें कि युवा संसद-2019 का आयोजन जवाहर भवन, रायसीना रोड, नई दिल्ली में 9-10 फरवरी को किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री व देश के जाने-माने वकील पी. चिदंबरम शामिल हुए. उन्होंने युवा संसद समिति को राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से लोगों को लाने के लिए बधाई दी ताकि लोगों को एक-दूसरे को समझने में मदद मिल सके. ऐसा इसलिए भी बेहतर है कि यह एक ऐसा माध्यम है, जिससे सीधा संपर्क किया जा सकता है बाकि जो माध्यम हैं वो सीधे नहीं हैं, न ही हो सकते हैं. मीडिया या अन्य सूचना के माध्यम से परोसी गई बातें ज्यादा विश्वसनीय नहीं हो सकती, क्योंकि यह केवल 'दूसरे हाथ का ज्ञान' जैसा है.Natinal-Youth-Parliamentttदरअसल, हममें से अधिकांश लोगों का मानना है कि जब तक अन्याय पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा, मंथन बंद नहीं होगा. व्यावहारिक रूप से, अन्याय और असमानता को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन आज के युवा कम अन्यायपूर्ण समाज को पीछे छोड़ने का वादा जरुर कर सकते हैं अगर उन्हें उचित और सम्मानजनक रास्ता दिखाया जाय. चिदंबरम ने यह भी प्रकाश में लाया कि चूंकि पहले विश्व के कई देश बहु-सांस्कृतिक बनने की कोशिश कर रहे हैं और उन लोगों को खुद पर गर्व है, जबकि भारत 2,000 वर्षों से बहु-सांस्कृतिक रहा है. बहु-संस्कृतियां और अन्य सामाजिक मुद्दे भारत में असमानता की सांस लेते हैं.ये भी पढ़ें... दिल्ली गैस चैम्बर : शर्मिष्ठा मुखर्जीदूसरी हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं, जहाँ की 20 प्रतिशत आबादी जो गरीबी रेखा से नीचे है, उसके पास बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं. यह हमारे राष्ट्र के लिए शर्म की बात है क्योंकि आजादी के 70 साल से ज्यादा हो चुके हैं और अभी भी प्रमुख और बुनियादी प्रश्नों का समाधान नहीं किया जा सका है. सन 1983 में भारत और चीन की आर्थिक वृद्धि समान थी. अब, चीन में प्रति व्यक्ति आय भारत की तुलना में 5 गुना अधिक है. भारत को इस बात से रूबरू होना है कि भारत के गरीब होने की सोच को खत्म करना है. भारत के पास इतने संसाधन हैं फिर भी ऐसा क्यों हैं इसके लिए युवाओं को एक नई धारणा के साथ आगे आना होगा. चिदंबरम ने यह भी सवाल उठाया कि कोका-कोला जैसी शीतल पेय कंपनियाँ इस राष्ट्र के गाँव के सबसे दूर तक कैसे पहुँच सकती हैं और हमारी सरकारें अभी तक वहां सुरक्षित पेयजल की उलब्धता सुनिश्चित नहीं करा सकी हैं. अंत में चिदंबरम ने भारतीय युवा कांग्रेस को युवा संसद के मंच द्वारा युवाओं को आगे लाने और उन्हें अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया.Natinal-Youth-Parliamenttस्वाति सक्सेना ने समिति के लिए राजनीति में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की भूमिका के बारे में संक्षेप में बात की. उन्होंने इस मंच से मी-टू आंदोलन और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने ने कहा कि एक महिला दूसरे महिला पर हो रहे अपराधों के बारे में खुद की भूमिका और अनुभूतियों को एक नए कलेवर में समझ सकती है जो शायद ही कोई पुरुष समझ सकता है. जो उन्हें तर्क सक्षम बनाता है और इस तर्क के आधार पर और स्पष्ट रूप से उन तरीकों से बेहतर नीतियां बनाने में सक्षम होंगी जो पुरुष नहीं कर सकते. महिलाओं के लिए नीतियां स्वयं महिलाओं के द्वारा ही समावेशी और सहभागी रूप से प्रभावी बनाई जा सकती है. उन्होंने इस मौके पर उपस्थित युवाओं से यह सोचने के लिए कहा कि जबकि भारत एक कल्याणकारी राज्य है, लेकिन जब यह अपने ही नागरिकों के खिलाफ हो जाएगा तो यह कैसे कार्य करेगा?ये भी पढ़ें... एक साल के अंदर राहुल ने दिखाया दमइस अवसर पर केशव चंद यादव, आमना मिर्ज़ा और श्री कृष्ण निवास भी अन्य गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे. श्री कृष्ण निवास ने राष्ट्र के विकास में नैतिकता के मूल सिद्धांतों की चर्चा की और वहीँ दर्शकों को समारोह के समापन की प्रक्रिया भी निभाई, सभी गणमान्य व्यक्तियों के साथ ही युवा संसद की अध्यक्षा अंकिता चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित किया.

Updated : 10 Feb 2019 11:21 AM GMT
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