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झंझारपुर लोकसभा से  किसी भी पूर्व सांसदों को नहीं मिला टिकट, नए चेहरे मैदान में

झंझारपुर लोकसभा से  किसी भी पूर्व सांसदों को नहीं मिला टिकट, नए चेहरे मैदान में
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रिपोर्ट ¦ संतोष कुमारमधुबनी (बिहार): झंझारपुर लोकसभा सीट पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि एनडीए और महागठबंधन में से किसी भी पार्टी ने पूर्व सांसदों को टिकट नहीं दिया है । नवसीखिए चेहरे को मैदान में उतारा है । दोनों गठबंधन के उम्मीदवार राजनीति क्षेत्र में बिल्कुल नए हैं । NDA उम्मीदवार की बात किया जाए तो जदयू के कोटे से टिकट पाने वाले रामप्रीत मंडल पंचायत समिति है । वहीं महागठबंधन के उम्मीदवार राजद के गुलाब यादव वर्तमान में झंझारपुर विधानसभा से विधायक हैं । वह भी पहली बार चुनकर आए हैं।बिहार में इस बार एनडीए और महागठबंधन का सीधा मुकाबला है। मतदाता के रुख के अनुसार इस बार जीत हार का फैसला बहुत हद तक उम्मीदवार के ऊपर निर्भर होगा । ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नवसीखिए और नए चेहरे के दम पर चुनाव जीता जा सकता है ? या पिछली बार की तरह किसी लहर के ऊपर जीत निर्भर करेगा? यह तो आने वाला समय बताएगा। बहरहाल आइए जानते हैं टिकट कटने वाले पूर्व सांसदों और चुनाव लड़ने वाले नए चेहरे के बारे मेंटीकट कटने वाले सांसद (1) देवेंद्र प्रसाद यादव : इस क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बिहार और देश में चर्चित चेहरे है। लेकिन वर्तमान में सबसे ज्यादा बैकफुट पर। देवेंद्र प्रसाद यादव जेपी आंदोलन से उपजे हुए नेता हैं। 1977 में पहली बार फुलपरास विधानसभा से जीतकर बिहार विधानसभा पहुंचे। उसी समय अपनी जीती हुई सीट तत्कालीन जनता पार्टी के कद्दावार नेता कर्पूरी ठाकुर को दे दिया और बिहार का मुख्यमंत्री बनाने में अहम रोल अदा किया। वह झंझारपुर लोकसभा से 5 बार सांसद रह चुके हैं । जून 1996-1997 के मध्य एच डी देवगौड़ा के सरकार में केंद्रीय खाद आपूर्ति मंत्री बनाया गया था। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में जदयू के कोटे से चुनाव लड़ा लेकिन तीसरी स्थान पर रहे । वर्तमान में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। क्योंकि महागठबंधन में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्सुकता नहीं दिखाया और चुनाव लड़ने से भी मना कर दिया। इसलिए वे पहली बार निर्दलीय के रूप में उम्मीदवार हैं ।(2) मंगनी लाल मंडल : जेपी आंदोलन व मंडल कमिशन आंदोलन से उपजे हुए नेता हैं। 1986 - 2004 तक बिहार विधानसभा में एमएलसी 3 टर्म रह चुके हैं। इसी दरमियान बिहार सरकार में मंत्री भी बनाया गया था । 2004 में राज्यसभा के लिए चुने गए। 2009 में झंझारपुर लोकसभा से जदयू के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने । पिछली बार 2014 लोकसभा चुनाव में राजद के टीकट पर चुनाव लड़े । लेकिन भाजपा के विरेंद्र कुमार चौधरी से चुनाव हार गए। इस बार इसका भी टिकट कट गया है। उनके समर्थकों में काफी उम्मीद थी लेकिन ऐन वक्त पर टिकट काट दिया गया उनके बदले गुलाब यादव को टीकट मिला है ।(3) वीरेंद्र कुमार चौधरी : वर्तमान में झंझारपुर लोकसभा से भाजपा के सांसद हैं । लेकिन इस बार जदयू के कोटे में जाने से टिकट कट गया । जेपी आंदोलन से उपजे हुए नेता हैं । एक समय में नीतीश कुमार का बेहद करीबी हुआ करते थे। अपनी राजनीतिक कैरियर समता पार्टी से शुरुआत किया । नीतीश कुमार ने उन्हें 2004 में बिहार विधानसभा का MLC बनाया और 2009 में उपसभापति । पिछली बार 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी का दामन थाम लिया और मोदी लहर में पहली बार चुनाव जीत सांसद बने । इस बार झंझारपुर लोकसभा सीट जदयू के कोटे जाने के कारण टिकट कट चुका है। टिकट कट जाने के बाद "उदय सर्वोदय" को पहली प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को दोबारा से प्रधानमंत्री बनने में मदद करूंगा और इसके लिए मैं अपने क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्र में भी प्रचार-प्रसार करूंगा" ।चुनाव मैदान में नए उम्मीदवार(1) रामप्रीत मंडल : एनडीए के तरफ से इन्हें झंझारपुर लोकसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। लोकसभा का चुनाव पहली बार लड़ रहे रामप्रीत मंडल वर्तमान में दुर्गी पट्टी पंचायत से "पंचायत समिति" जीतकर खुटौना प्रखण्ड के प्रमुख है । पूर्व में दुर्गी पट्टी पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं। अभी फिलहाल जदयू के कोटे से NDA का उम्मीदवार हैं ।(2) गुलाब यादव : महागठबंधन का उम्मीदवार हैं वर्तमान में झंझारपुर विधान सभा से राजद के विधायक है। 2015 बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार महागठबंधन के लहर में जीतकर विधायक बने थे।

Updated : 29 March 2019 2:53 PM GMT
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