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नॉर्थ-ईस्ट हो या कश्मीर, हम आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे : अमित शाह

नॉर्थ-ईस्ट हो या कश्मीर, हम आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे : अमित शाह
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असम (ब्यूरो रिपोर्ट) : बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देश की सुरक्षा है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ये सोच कर बैठा है कि इस तरह से आतंकवादी हमले करके ये लड़ाई वे जीत जायेंगे तो वे गलतफहमी में हैं. चाहे नॉर्थ-ईस्ट हो, चाहे कश्मीर, हम आतंकवाद को देश से जड़ समेत उखाड़ फेंकेंगे. शाह ने ये बातें जिला लखीमपुर स्थित सबोती स्टेडियम में आयोजित विशाल ‘युवा प्रवाह’ विजय लक्ष्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.इससे पहले अमित शाह ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए असम सहित पूरे उत्तर-पूर्व के विकास के प्रति केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता जताई. कार्यक्रम मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोंवाल और NEDA के चेयरमेन हेमंत बिस्वशर्मा भी उपस्थित थे. रैली के पश्चात् राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गुवाहाटी के बेलतोला चराली में प्रदेश भाजपा कार्यालय का भूमि-पूजन किया.इस मौके पर अमित शाह ने यह भी कहा कि विश्व के सभी नेताओं में आतंकवाद को ख़त्म करने की सबसे प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति यदि किसी एक नेता में है, तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं. मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है, चाहे वह कूटनीतिक पहल हो, सीमा पर गोली का जवाब गोले से देना हो या फिर पाकिस्तान के घर में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक करके दुश्मनों के मंसूबों का सफाया हो.माँ कामाख्या की पावन धरा को नमन करते हुए शाह ने कहा कि पुलवामा में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमले में हुए शहीद जवानों में असम के सपूत श्री मानेश्वर बसुमतारी भी थे, हम भारत माँ के सभी शहीद सपूतों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके परिवारों के प्रति शोकांजलि प्रेषित करते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे वीर शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि इस बार केंद्र में मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है.असम को कश्मीर नहीं बनने देंगेअमित शाह ने इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि 1985 में असम की जनता की भावनाओं के अनुरूप असम अकॉर्ड बना था, इसके बाद राज्य में 10 सालों तक असम गण परिषद् और 25 सालों तक कांग्रेस की सरकार रही, केंद्र में 20 वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही लेकिन कांग्रेस और असम गण परिषद बताएं कि उन्होंने असम अकॉर्ड को लागू करने की दिशा में किया किया?शाह ने कहा कि कांग्रेस और असम गण परिषद एनआरसी लेकर नहीं आए, इन्होंने केवल जनता को बरगलाने का काम किया. यह भाजपा है, जो एनआरसी लेकर आई और घुसपैठ को भी रोकने का काम किया. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि असम को कश्मीर बनने नहीं दिया जाएगा, यह हमारा कमिटमेंट है. उन्होंने कहा कि चाहे असम में एनआरसी की प्रक्रिया बार-बार करनी पड़े, भाजपा सरकार एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालने के लिए कटिबद्ध है.

Updated : 18 Feb 2019 6:44 AM GMT
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