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भूतही बलान के पूर्वी तटबंध बनाने हेतु DPR बनाने का आदेश जारी

भूतही बलान के पूर्वी तटबंध बनाने हेतु DPR बनाने का आदेश जारी
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रिपोर्ट : संतोष कुमारबिहार के मधुबनी जिले के फुलपरास-घोघरडीहा प्रखण्ड अंतर्गत वर्षों से अधर में लटका भूतही बलान का पूर्वी तटबंध, रामनगर से परसा रेलवे लाइन तक निर्माण करने का रास्ता साफ होता जा रहा है. इस पूर्वी तटबंध का विस्तारीकरण व निर्माण हेतु जल संसाधन विभाग पटना ने दिनांक 13- 02- 2019 को पत्रांक संख्या 3126, मुख्य अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण जल संसाधन विभाग समस्तीपुर को DPR बनाने का आदेश जारी किया है.इस बात का जानकारी देते हुए दरभंगा अंचल के बाढ़ नियंत्रण अधिक्षण अभियंता ई . आर. के . चौरसिया ने बताया की "रामनगर से घोघरडीहा-निर्मली लिंक रोड तक भूतही बलान की पूर्वी तटबंध का विस्तारीकरण व निर्माण के लिए मुख्य अभियंता समस्तीपुर ने पत्रांक संख्या- 379, दिनांक 14- 02- 2019 को हमारे कार्यालय को पत्र जारी किया है, जिसमें 5 किमी के लिए DPR बनाने को कहा गया है. इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है. संभवतः बरसात का समय आने से पहले निर्माण कार्य पूरा करने की उम्मीद है.बता दें कि भूतही बलान के पूर्वी तटबंध का निर्माण हो जाने से इस नदी के किनारे पर मुख्य रूप से अवस्थित गाँव रामनगर, सुड़ियाही, मुजीयासी, धनखोड़, परसा, कौवाखोन, चेथरू मंडल टोल, भलूवाही, किसनी पट्टी पुनर्वास और कालीपुर को बाढ़ से बड़ी राहत मिलेगी. इस सूचना से संगठन के सभी पदाधिकारियों व क्षेत्र के लोगों में खुशी हैं.दरअसल सरकार द्वारा अधूरे भूतही बलान की पूर्वी तटबंध का विस्तारीकरण व निर्माण नहीं किए जाने पर ‘भूतही बलान बाढ़ पीड़ित सह रेल जन आंदोलन’ के बैनर तले संगठन के अध्यक्ष संतोष कुमार के अगुवाई में 17 नवंबर 2018 को सुड़ियाही दुर्गा स्थान में आम सभा आयोजित की गई थी, जिसमें 56 गांवों की जनता ने भाग लिया. सभा में निर्णय हुआ- अगर मुख्य मांग तटबंध का निर्माण आम चुनाव से पहले पूरा नहीं होता तो वे मत बहिष्कार करेंगे. इसके दो दिन बाद ही जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने आंदोलनकारियों को पटना मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया और उनकी मांग सुनते हुए जल संसाधन मंत्री ललन सिंह से बैठक करवाई. इस बैठक में मुख्य रूप संतोष कुमार, संतोष राज, पप्पू कुमार, देव नारायण वर्मा, कन्हैया झा, शंम्भू नाथ झा, जय प्रकाश कामत, डॉ मिथिलेश कामत और हीरा लाल कामत क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे. इसके अगले ही दिन दरभंगा के बाढ़ नियंत्रण अधिक्षण अभियंता आर.के. चौरसिया को तटबंध निरीक्षण के लिए भेजा गया और इसकी रिपोर्ट को विभाग में भेज दिया गया. इस रिपोर्ट में तटबंध का निर्माण में किसी भी तरह का दिक्कत नहीं होने का जिक्र किया गया था.सकारात्मक रिपोर्ट भेजने के बावजूद रेलवे द्वारा घोघरडीहा-निर्मली के मध्य परसा के समीप पुल नं 133 का ‘अनापति प्रमाण पत्र’ देने में विलंब को देखते हुए ‘भूतही बलान बाढ़ पीड़ित सह रेल जन आंदोलन’ की पूरी टीम दुबारा से एक्शन में आ गई और 30 दिसंबर को संगठन के संरक्षक कमल भंडारी व अध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर -मंतर पर रेलवे के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया.दूसरी ओर संगठन के युवा रणनीतिकार अनूपम कुमार ने रेलवे द्वारा ‘अनापति प्रमाण पत्र’ नहीं दिए जाने का कारण जानने हेतु 26 दिसंबर 2018 को पूर्व मध्य रेलवे निर्माण विभाग मुजफ्फरपुर मंडल में एक grievance लगाया तो इसका जवाब 1 जनवरी 2019 आ गया, जिसमें बताया गया कि घोघरडीहा-निर्मली के मध्य परसा के समीप रेलवे पुल संख्या 133 का ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ के लिए किसी का आवेदन मेरे पास नहीं आया. वहीं सिंचाई व जल संसाधन विभाग का कहना था कि रेलवे द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ नहीं दिया जा रहा है इसलिए तटबंध का कार्य नहीं हो रहा है. जब इस बात की जानकारी संतोष कुमार ने फोन पर प्रशांत किशोर को दी तो 17 जनवरी 2019 को grievance की मांग की गई. इसी के तहत उन्होंने सिंचाई, जल संसाधन और रेलवे विभाग से बात की, जो सकारात्मक कदम साबित हुआ.प्रतिनिधि को पता ही नहीं DPR का जल संसाधन विभाग से तटबंध का विस्तारीकरण व निर्माण के लिए DPR बनाने का आदेश आ चुका है, जबकि स्थानीय प्रतिनिधि इस मामले की लीपापोती कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को भ्रमित करने के लिए रेलवे से अभी भी ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ की मांग कर रहे हैं.

Updated : 16 Feb 2019 9:59 AM GMT
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