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दफ्तर से हटकर घर से कार्य करने का बढ़ रहा है प्रचलन

दफ्तर से हटकर घर से कार्य करने का बढ़ रहा है प्रचलन
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नई, दिल्ली | आधुनिक काल में घर बैठकर दफ्तर का काम करने का प्रचालन बहुत बढ़ गया है, और बढ़ता ही जा रहा है। कई लोग घर बैठ कर विदेशी कम्पनियों में नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में वे दफ्तर तक जाने का समय भी बचा लेते हैं तथा काम के साथ साथ अपने लिए भी सफ़ीसिएन्ट समय निकाल लेते हैं। आजकल की सभी बैठकें विडियोकॉल के जरिये हो जाती हैं तथा लोग डील्स भी विडियोकॉल के ही जरिये कर देते हैं। सैलरी ऑनलाइन पेमेंट के जरिये आ जाती है। इस तरह से सारा काम ऑनलाइन ही निपट जाता है। अक्सर दफ्तर जाने वाले लोग नौकरियां छोड़कर इस प्रकार की नौकरियों की ढूंढ खोज करने लगे हैं। सभी चाहते हैं कि हम काम के साथ साथ अपने तथा अपनी फैमिली के लिए ज्यादा समय निकाल सकें।काम में लचीलापन देने की इस नीति को बिल गेट्स ने बहुत पहले ही समझ लिया था। गेट्स ने कहा था, ‘आने वाले वर्षों में सबसे अच्छे कर्मचारी को अपने यहां आकर्षित करने के लिए प्रयास का चलन बढ़ेगा। ऐसे में वे कंपनियां जो कर्मचारियों को लचीलापन देंगी, वे इस काम में आगे रहेंगी।’ बिल गेट्स ने भविष्य की कार्यसंस्कृति का पहले ही अनुमान लगा लिया था। वर्ष 2013 में इसके लिए ‘नेशनल फ्लेक्स डे’ शुरू किया गया। इसका मकसद यही था कि काम के लचीलेपन के महत्व से सभी को रूबरू कराया जाए और इसे राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाया जाए। फॉर्च्युन 500, कॉरपोरेशन सिस्को, सेल्सफोर्स और हिल्टन ने लोगों को घर से काम करने की आजादी देकर अपने यहां अच्छा माहौल बनाया है।

Updated : 21 Oct 2019 12:22 PM GMT
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