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Indo-US Biz CEO Forum के समर्थन से भारत के साथ होने वाले अमेरिकी व्यापार घाटे का समाधान संभव

Indo-US Biz CEO Forum के समर्थन से भारत के साथ होने वाले अमेरिकी व्यापार घाटे का समाधान संभव
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रिपोर्ट ¦ देबदुलाल पहाड़ी

नई दिल्ली | यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका ने शुक्रवार को पिछले कुछ वर्षों में भारत के साथ अपने बढ़ते व्यापार घाटे पर अपनी चिंता व्यक्त की और आशा व्यक्त की कि भारत-यूएस बिजनेस सीईओ फोरम के साथ मीटिंग के दौरान निकट भविष्य में इसको कम करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस घाटे को कम करने के साथ एक बेहतर कल के लिए भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार के बीच एक उपयुक्त संतुलन भी बनाया जा सकेगा।ये संभावनाए एलीन नंदी, मिनिस्टर काउंसलर फॉर कमिर्श्यल अफेयर्स यूएस-एफसीएस ने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स- नॉर्थ इंडिया काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित 15वीं इंडो-यूएस इकोनॉमिक सम्मिट को संबोधित करते हुए व्यक्त कीं।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भविष्य में एक बेहतर व्यापार संतुलन के साथ भारत और अमेरिका में व्यापार काफी तेजी से बढ़ेगा।

उनका विचार था कि चूंकि भारत और अमेरिका के बीच राजनैतिक संबंध विकसित होने लगे हैं और सहमति माध्यमों के साथ विविधता आई है और बड़े भारतीय कारोबरी समूह आक्रामक रूप से अमेरिका में अपने निवेश को बढ़ा रहे हैं। इस द्विपक्षीय व्यापार के बढ़ने से भारत और अमेरिका में मौजूद व्यापार घाटे को दूर करेगा जो कि इस समय चिंता का विषय है। नंदी ने कहा कि इंडो-यूएस बिजनेस सीईओ फोरम के साथ, नियमित रूप से बातचीत होने से इंडो-यूएस व्यापार से संबंधित आपसी चिंताओं के मुद्दों को हल किया जाएगा और भारत से यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका में निवेश होगा। इसके साथ ही अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ाएंगी और आपसी कारोबार भी बढ़ेगा।

उनके अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच तत्काल भविष्य के लिए लक्षित व्यापार को सुधारात्मक उपायों के साथ प्राप्त किया जाएगा और यहां तक कि दोनों देशों द्वारा अपनी ट्रेड एडवांसमेंट बातचीत में जिस तरह से प्रगति हो रही है, उससे भी काफी बदलाव आएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत और अमेरिका दोनों रक्षा, कृषि, माल और आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं सहित कई आयामों की सेवाओं में अपने व्यापार में तेजी लाएंगे। इस अवसर पर, सम्मिट चेयर चेयरमैन, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, डॉ. ललित भसीन ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार यूनाइटेड स्टेटस अमेरिका के विविध परिदृश्य में निवेश के अवसरों को खोजने और साकार करने के लिए भारतीय व्यवसायों के साथ बढ़ाना शुरू कर दिया है।

भारतीय व्यवसायों ने हाल के दिनों में अमेरिका में जो निवेश किया है वह लगभग 13 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है। डॉ. भसीन ने कहा कि “इसी तरह, प्रयास किए जाने चाहिए और ऐसी स्थितियां पैदा की जानी चाहिए ताकि भारत के प्रति अमेरिकी निवेश के लिए समान प्रवाह उत्पन्न हो। हालांकि अमेरिका का उद्योग आर्थिक गतिविधियों की मेजबानी में भारत का प्रतिनिधित्व करता है।“

एस.के.सरकार, नेशनल प्रेसिडेंट, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने अपनी प्रतिक्रिया के दौरान कहा कि कृषि, रक्षा, फूड प्रोसेसिंग और समान क्षेत्रों के मेजबान बड़ी संभावनाओं को मानते हैं जिसके माध्यम से भारत और अमेरिका करीब आ सकते हैं और दोनों देशों में व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए अपने संबंधों को मजबूत कर सकते हैं। इस अवसर पर संबोधित करने वाले अन्य लोगों में श्री राज्यलक्ष्मी राव, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, श्रीमती अरुणा सेठी और ज्वाइंट मैनेजिंग पार्टनर, जे सागर एसोसिएट्स, श्री अमित कपूर और श्री संजय अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट, पीएचडीसीसीआई कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल थे।

Updated : 14 Sep 2019 8:56 AM GMT
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