फ़र्ज़ी क्रिकेट संघ के लीग का उद्घाटन करने पहुंचे बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष

फ़र्ज़ी क्रिकेट संघ के लीग का उद्घाटन करने पहुंचे बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष
  • सीतामढ़ी के मान्यता प्राप्त क्रिकेट संघ ने जताई आपत्ति
    बीसीए एवं जिलाधिकारी से फ़र्ज़ी संघ के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पटना (सीतामढ़ी)।बिहार में क्रिकेट के नाम पर खुलेआम फ़र्ज़ी संघ चल रहे हैं, जिसे लगता है कि क्रिकेट संघ के वरीय पदाधिकारियों का ही संरक्षण प्राप्त है। कुछ ऐसा ही नजारा उत्तर बिहार के सीतामढ़ी जिला मुख्यालय में सोमवार को देखने को मिला, जहां फ़र्ज़ी क्रिकेट संघके लीग का उद्घाटन करने बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी पहुंच गए। इसको लेकर सीतामढ़ी जिला क्रिकेट संघ (मान्यता प्राप्त) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। इस संबंध में बीसीए और जिला अधिकारी सितामढ़ी से लिखित शिकायत भी की गई है।

दरअसल, इस फ़र्ज़ी क्रिकेट संघ के कर्ताधर्ता नीरज सिंह राठोर के करीबी हैं। नीरज सिंह वहीं हैं, जिन्हें एन्टी एसोसिएशन एक्टिविटी के चलते बिहार क्रिकेट संघ ने निष्कासित किया हुआ है। अखिलेश कुमार सिंह इस फ़र्ज़ी जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और ज्ञान प्रकाश सचिव हैं। दिलचस्प बात यह है कि सीतामढ़ी जिला क्रिकेट संघ (बिहार क्रिकेट संघ से मान्यता प्राप्त) के अध्यक्ष विनीत कुमार ने पूर्व में भी तत्कालीन डी.एम. डॉ. रंजीत कुमार सिंह से मिलकर इस फ़र्ज़ी क्रिकेट संघ की शिकायत की थी। उस समय डी.एम. ने फ़र्ज़ी क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की भी बात कही थी।

इस बारे में सीतामढ़ी जिला क्रिकेट संघ (मान्यता प्राप्त) के अध्यक्ष विनीत कुमार का कहना है कि यह सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से हमारी जानकारी में आया है कि एक झूठी और भ्रामक खबर एक व्यक्ति श्री अखिलेश कुमार द्वारा फैलाई जा रही है, जो 25/11/19 को जानकी स्टेडियम में स्वयं को सीतामढ़ी के “22 वें जिला क्रिकेट लीग के स्मारक” के बारे में सीतामढ़ी डीसीए के अध्यक्ष होने का दावा करते हैं। उपरोक्त संघ और तथाकथित क्रिकेट लीग पूरी तरह से अनधिकृत और अवैध है।
सीतामढ़ी क्रिकेट संघ उपरोक्त टूर्नामेंट के आयोजकों के खिलाफ अपने नाम का उपयोग करने और बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों और आम जनता को गुमराह करने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठा रही है। सीतामढ़ी डीसीए अपने अधिकारियों और खिलाड़ियों को उक्त टूर्नामेंट से जुड़ने या भाग लेने का दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी नियमों और विनियमों के अनुसार (जो माननीय न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उप-आदेशों के अनुरूप हैं)आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा।

वहीं, जब इस बारे में बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी से संपर्क किया गया तो पहले तो उन्होंने मीडिया संस्थान का नाम पूछा और फिर इस मामले में कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया।

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