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राफेल : आज राज्यसभा में पेश हुई ‘कैग’ की रिपोर्ट के बारे में क्या राहुल की आशंका सही थी?

राफेल : आज राज्यसभा में पेश हुई ‘कैग’ की रिपोर्ट के बारे में क्या राहुल की आशंका सही थी?
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नई दिल्ली (ब्यूरो रिपोर्ट) : संसद के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है. विपक्ष के उठ रहे सवालों के बीच मोदी सरकार ने राज्यसभा में राफेल विमान सौदे पर कैग रिपोर्ट पेश की. केंद्रीय मंत्री पी. राधाकृष्णन द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार ने जो राफेल विमान की डील की है, वह यूपीए सरकार से 2.86 फीसदी सस्ती है.बता दें एक दिन पूर्व ही राहुल गांधी ने कैग को ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ कहकर उसकी खिल्ली उड़ाई थी. इस परिप्रेक्ष्य में आज राज्यसभा में पेश राफेल विमान सौदे पर कैग की रिपोर्ट को देखें तो लगता है राहुल को इस बात की पहले से ही आशंका थी. हालांकि आज की रिपोर्ट को देखें तो बिल्कुल तैयार अवस्था में राफेल की कीमत यूपीए सरकार के जितनी ही है. दूसरी ओर रिपोर्ट में विमान के दाम नहीं बताए गए हैं. कैग की रिपोर्ट से मोदी सरकार का वो दावा भी खारिज होता है, जिसमें कहा गया था कि मोदी सरकार ने राफेल विमान 9 फीसदी सस्ता खरीदे हैं.इसके अलावा कैग के इस रिपोर्ट में बताया गया है कि एनडीए सरकार की डील के अनुसार राफेल विमान की डिलीवरी तय समय से काफी पहले हो रही थी. एक ओर पिछली डील में जहां 72 महीने का समय लग रहा था लेकिन अब सिर्फ 71 महीने का समय लग रहा है.इसमें से भी 18 विमान 5 महीने पहले ही भारत में पहुंच जाएंगे. रिपोर्ट के अनुसार, CCS के सामने सितंबर 2016 में सोवरन गारंटी और लेटर ऑफ कम्फर्ट पेश की गई थी. जिसमें तय हुआ था कि लेटर ऑफ कम्फर्ट को फ्रांस के प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जाएगा.बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुरुआत से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने इस डील में चोरी की है, जबकि बीजेपी और केंद्र सरकार इस डील को पाक साफ बताने में जुटी है.संसद परिसर में कांग्रेस ने किया प्रदर्शनसंसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत अन्य कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास राफेल मुद्दे पर प्रदर्शन किया. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच संसद में राफेल मुद्दे को लेकर अहम बैठक भी हुई.इस मामले पर कांग्रेस ने संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया है. इतना ही नहीं, आज राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोल सकते हैं. सरकार भी कई बिलों को पेश कर सकती है.सरकार की CAG रिपोर्ट में क्या है?आपको बता दें कि कैग रिपोर्ट में भारतीय एयर फोर्स की कई डील के बारे में जानकारी साझा की गई हैं. इन्हीं में राफेल डील भी एक हिस्सा है. कैग की इस रिपोर्ट में राफेल विमान के दामों के बारे में नहीं बताया गया है, जबकि विपक्ष दाम के मुद्दे पर ही केंद्र सरकार को घेर रहा है. रिपोर्ट में डिफेंस डील के हर पैरामीटर को परख कर आंकड़े दिए गए हैं.रिपोर्ट के बड़े प्वाइंट्स-रिपोर्ट में दामों को साफ तौर पर तो नहीं बताया गया है, लेकिन राफेल सौदे के दौरान मार्केट के क्या हालात थे और बाजार में किस तरह के दाम चल रहे थे, उनके बारे में भी बताया गया है.-राफेल सौदा CAG की रिपोर्ट का महज एक हिस्सा है. CAG ने एक साथ अब तक के वायु सेना के 11 रक्षा खरीद सौदों का ऑडिट किया है.-इस रिपोर्ट में रक्षा खरीद के सभी पैरामीटर के आधार पर राफेल डील का मूल्यांकन किया गया है. सूत्रों के मुताबिक सीएजी ने रक्षा खरीद सौदों का एक 'तुलनात्मक मूल्यांकन' किया है.

Updated : 13 Feb 2019 8:06 AM GMT
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