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रंगकर्मी गीतांजलि ने लॉकडाउन में रंगमंच पर 100 व्याख्यान आयोजित कर रचा इतिहास

रंगकर्मी गीतांजलि ने लॉकडाउन में रंगमंच पर 100 व्याख्यान आयोजित कर रचा इतिहास
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उदय सर्वोदय

ग्वालियर: देश में कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन में मध्य प्रदेश के ग्वालियर की प्रख्यात महिला रंगकर्मी गीतांजलि गीत ने रंगमंच और लोक कलाओं पर 100 व्याख्यान आयोजित कर एक अनोखी मिसाल पेश की है। यह रंगकर्मियों के अपनी कला के प्रति समर्पण और जुनून को दर्शाता है।

गीतांजलि गीत

गीतांजलि गीत नेफेसबुक पर ‘मेरा मंच’ बैनर के तले देश के जाने-माने रंगकर्मियों औरकलाकारों का व्याख्यान डिजिटल माध्यम से आयोजित कर रंगमंच की दुनिया में एक नयारिकॉर्ड बनाया है और रंगमंच के विभिन्न पहलुओं पर एक गंभीर विचार-विमर्श शुरू कियाहै। इससे पहले किसी एक व्यक्ति ने निजी प्रयासों से डिजिटल माध्यम पर 100 लेक्चर आयोजित नहीं किए थे।

देश के जाने-माने रंगकर्मियों और कलाकारों ने की चर्चा

गीत ने बताया कि उन्होने संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित बंसी कौल, रंजीत कपूर, आलोक चटर्जी, संजय उपाध्याय, सतीश आनंद, मुश्ताक़ काक, विभा रानी, विनय कुमार, रवि तनेजा, अशोक भौमिक, अशोक मिश्र और ओम पारीक जैसे अनेक जाने-माने रंगकर्मियों और कलाकारों से प्रख्यात नाटककार जगदीश चंद्र माथुर, गिरीश कर्नाड और बादल सरकार के अवदान पर चर्चा से लेकर बाल रंगमंच, लोक मंच, अभिनय, पटकथा लेखन, प्रकाश एवं ध्वनि, मंच सज्जा जैसे तमाम विषयों पर विचार-विमर्श किए।

दो महीने हर रोज डिजिटलमाध्यम से हुए व्याख्यान

उन्होंने बताया कि यह पहला मौका होगा, जब रंगमंच के इतिहास में इतने कलाकारों ने दो महीने के भीतर हर रोज डिजिटल माध्यम से ये व्याख्यान दिए। इन कलाकारों ने लॉकडाउन में डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर रंगमंच की समस्याओं और उसकी संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। साथ ही लोक कला, कठपुतली एवं विदेशिया शैली पर भी चर्चा की। उन्होंने रंगमंच की समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित किया, खासकर शहरों में सस्ते दर पर सभागार मुहैया कराने की व्यवस्था पर ज़ोर दिया।

कलाकारों ने सरकार से आर्थिकसहयोग की भी मांग की

इन व्याख्यानों में इस बात की भी चर्चा की गई कि लॉकडाउन में क्षेत्रीय कला और लोक कला से जुड़े कलाकारों के लिए अपनी आजीविका का प्रबंध करना बहुत कठिन हो गया है, क्योंकि वह लॉकडाउन के कारण अपना कोई प्रदर्शन आयोजित नहीं कर पा रहे हैं और धन का उपार्जन भी नहीं हो पा रहा है। ऐसे कलाकारों ने सरकार से उन्हें विशेष राहत देने और आर्थिक सहयोग करने की भी मांग की।

बहरहाल, गीत ने बताया कि वह 100 व्याख्यान आयोजित करने के बाद भी अपने इस अभियान को जारी रखेंगी और आने वाले दिनों में भी ये व्याख्यान आयोजित करती रहेंगी। इन व्याख्यानों से युवा पीढ़ी और छात्रों को बहुत जानकारी मिली है।

Updated : 7 Jun 2020 5:58 AM GMT
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