Top
Home > प्रमुख ख़बरें > 10 फीसदी आरक्षण विधेयक को लोकसभा में पेश

10 फीसदी आरक्षण विधेयक को लोकसभा में पेश

10 फीसदी आरक्षण विधेयक को लोकसभा में पेश
X

मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव चलते हुए सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस आदेश को मंजूरी दिलाने के लिए आज लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इसके लिए राज्यसभा की कार्यवाही को एक दिन के लिए बढ़ाया भी गया है।तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने गरीबों के आरक्षण पर चर्चा के दौरान उठाया महिला आरक्षण का मुद्दा।आर्थिक पिछड़ों के लिए 10 फीसदी आरक्षण पर लोकसभा में सरकार की अग्निपरीक्षा है। सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला 124वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश कर चुकी है। अब शाम करीब 5 बजे से इस पर बहस शुरू होगी। लोकसभा में बिल को पास कराने के लिए सरकार के पास संख्याबल पूरा है, लेकिन इसके बावजूद एकराय बनाने के लिए वह विपक्षी दलों से संपर्क साध रही है। बिल पर बहस और वोटिंग से पहले सरकार प्रमुख विपक्षी दल से बातचीत कर रही है।बड़े वोट बैंक से जुड़ा मुद्दा होने के कारण प्रमुख विपक्षी दल संशोधन विधेयक का सीधे तौर पर विरोध करते नजर नहीं आ रहे हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने बिल के लिए अपने खुला समर्थन तो दिया, लेकिन साथ ही बीजेपी पर चुनावी स्टंट का तंज भी किया। एसपी ने बिल के समर्थन की बात तो कही, लेकिन साथ में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसको पूरा करना मोदी सरकार के लिए संभव नहीं होगा।राज्यसभा का सत्र एक दिन के लिए बढ़ाआरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत करने के लिए सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी की है। कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर होने के ठीक एक दिन बाद सरकार ने जहां बिल को लोकसभा के पटल पर रख दिया, वहीं इसे राज्यसभा से भी पास कराने के लिए ऊपरी सदन का सत्र भी एक दिन यानी 9 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया। लोकसभा से आज बिल मंजूर होने के बाद बुधवार को उच्च सदन में इसे पेश किया जा सकता है।

Updated : 8 Jan 2019 1:12 PM GMT
Tags:    
Next Story
Share it
Top