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सेवा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म : हठयोगी जी महाराज

सेवा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म : हठयोगी जी महाराज
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कुम्भ से ¦ साहिल सिंह

प्रयागराज : समय के साथ-साथ कुम्भ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. एक तरफ लोग यहां संगम नोज पर स्नान कर पुण्य कमाने के मकसद से आ रहे हैं तो दूसरी ओर साधु-संतों सहित युवा उनकी सेवा कर पुण्य हासिल कर रहे हैं.

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सेक्टर-14 शंकराचार्य मार्ग पर स्थित भारत साधु समाज के मेला कैम्प कार्यालय के व्यवस्थापक विश्व योग गुरू आशुतोष जी महाराज दिल्ली के साथ मेला क्षेत्र में युवाओं की एक टीम ने 27 जनवारी रविवार को कुम्भ में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को हर संभव मदद करने में अपना सहयोग प्रदान किया. दूसरी ओर विश्व योग गुरू युवाओं को योग एवं साधना की बातें भी बता रहे हैं, जिससे उनका बह भविष्य उज्ज्वल हो सकता है. युवा साथी आश्रम की सेवा सहयोग में कुम्भ क्षेत्र में आम नागरिकों की मदद करने के उपरांत नागरिक सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं.

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उक्त शिविर में हठ योगी महाराज हरिद्वार दिगम्बर अखाड़ा भी आध्यात्मिक ज्ञान की गंगा के कुम्भ में पहुंचने वाले स्नानार्थियों को आध्यात्मिक ज्ञान की गंगा से ओत-प्रोत कर रहे हैं. आश्रम में ठहरे योग ऋषि स्वामी सदानन्द पशुपति जी महाराज (अमृता अनुभव संघ) दिल्ली से पधार कर श्रद्धालुओं को सेवा प्रदान कर रहे हैं.

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उक्त कार्यक्रम में रचना कुमारी, गौरव गौतम, शनि, सूरज त्रिपाठी, रवि, प्रीति, शिव लाल, सुषमा, सुमन, सीमा, पूजा, अखिलेश, प्रिया त्रिवेदी, तृप्ति, उजास, हरिओम, माता प्रसाद आदि अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं.

Updated : 27 Jan 2019 2:51 PM GMT
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