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सीतामढ़ी युवा कांग्रेस का कैंडिल मार्च

सीतामढ़ी युवा कांग्रेस का कैंडिल मार्च
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ब्यूरो रिपोर्ट
पिछले दिनों सीतामढ़ी में हुए दंगा में मारे गए भोरहा निवासी 82 वर्षीय मरहूम जैनुल अंसारी के हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी, दंगा पीड़ितों को उचित मुआवजा और अल्पसंख्यक मंत्री का विरोध करने वाले नौजवानों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर सीतामढ़ी जिला युवा कांग्रेस के तत्वावधान में स्थानीय मेहसौल चौक से कारगिल चौक तक कैंडिल मार्च का आयोजन किया गया। कैंडिल मार्च का नेतृत्व जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज ने किया। मार्च में जैनुल अंसारी के परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में युवा एवं स्थानीय लोग शामिल हुए।
इस मौके पर मो. शम्स शाहनवाज ने कहा कि सीतामढ़ी दंगा में मारे गए जैनुल अंसारी के हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन के लापरवाह रवैये से लोग बेहद नाराज हैं। पहले पुलिस अधीक्षक द्वारा यह कहा गया था कि छठ पर्व के बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। शम्स ने कहा कि जैनुल अंसारी के हत्यारों को फांसी की सजा होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो सके। इतना ही नहीं, दंगा पीड़ितों को सरकार की ओर से जल्द से जल्द मुआवजा भी मिलना चाहिए। शम्स ने कहा कि दंगा के मामले में सरकार की चुप्पी और एम.एल.सी. खालिद अनवर के बेतुका बयान से नाराज नौजवानों ने जब अल्पसंख्यक मंत्री खुर्शीद आलम उर्फ फिरोज का लोकतांत्रिक ढंग से विरोध किया तो राजनैतिक दबाव में उनपर मुकदमा दर्ज करके प्रताड़ित किया जा रहा है। युवा कांग्रेस बिहार सरकार के युवा विरोधी एजेंडे को कभी कामयाब नहीं होने देगी।
कैंडिल मार्च में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा, मो. अब्दुल्लाह, वैदेही शरण यादव, मो. मकसूद, मो. सद्दाम, संजय सिंह, सलाम राईन, मो. नौशाद, शाकिर अंसारी, हैदर अंसारी, मो. मोनू, सिकंदर हयात खान, मो. वली, विवेकानंद, संतोष पासवान, दिनेश कुमार, सुधीर सिंह, जुबैर खान, बाबू नंदन राय, मो. शम्सुद्दीन, हफीज राईन, सत्येंद्र प्रकाश आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

Updated : 4 Dec 2018 3:44 PM GMT
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