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रहाणे की सेना ने वो कारनामा कर दिखाया, जो आज तक कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया

ब्रिस्बेन में 33 साल से ऑस्ट्रेलिया नहीं हारा था, लेकिन टीम इंडिया ने इसको भी मुमकिन कर दिखाया और ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत का अंत कर दिया।

रहाणे की सेना ने वो कारनामा कर दिखाया, जो आज तक कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया
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उदय सर्वोदय

नई दिल्ली: कई खिलाड़ियों के चोटिल होकर बाहर हो जाने और निर्णायक जंग में नवोदित खिलाड़ियों के बलबूते पर रहाणे की सेना ने वो कारनामा कर दिखाया जो आजतक कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया। ब्रिस्बेन में खेले गए चौथे टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से धूल चटाते हुए टेस्ट सीरीज 2-1 से जीत ली है।

ब्रिस्बेन में 33 साल से ऑस्ट्रेलिया नहीं हारा था, लेकिन टीम इंडिया ने इसको भी मुमकिन कर दिखाया और गाबा के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत का अंत कर दिया।

मंगलवार सुबह रोहित शर्मा ने चार रन और शुभमन गिल ने खाता खोले बिना भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। रोहित हालांकि कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके और तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने विकेट के पीछे टिम पेन के हाथों कैच कराकर रोहित को आउट किया। रोहित ने 21 गेंदों में एक चौकों की मदद से सात रन बनाए। रोहित का विकेट 18 रन के स्कोर पर गिरा।

रोहित के आउट होने के बाद युवा बल्लेबाज शुभमन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए चेतेश्वर पुजारा के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 114 रनों की मजबूत साझेदारी की और भारत के लिए मैच में उम्मीद बढ़ा दी। शुभमन ने इसके साथ ही अपने टेस्ट करियर का दूसरा अर्धशतक पूरा किया।

शुभमन हालांकि अपना पहला शतक बनाने से चूक गए और लेग स्पिनर नाथन लियोन की गेंद पर स्टीवन स्मिथ के हाथों कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। शुभमन ने 146 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 91 रन बनाए। उनकी शानदार पारी ने भारत को अच्छी स्थिति पर पहुंचाया।

पुजारा ने इसके बाद कप्तान अजिंक्या रहाणे के साथ टीम की पारी को गति देने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों ने सधी हुई पारियां खेल कंगारु टीम के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। कमिंस ने एक बार फिर अपनी गेंदबाजी का जादू बिखेरा और रहाणे को पिन के हाथों कैच कराकर टीम इंडिया को तीसरा झटका दे दिया। रहाणे ने 22 गेंदों में एक चौका और एक छक्के के सहारे 24 रन बनाए।

इस बीच पुजारा एक छोर से पारी को संभाले रहे तथा उनका साथ विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत ने बखूबी दिया। पुजारा और पंत के बीच चौथे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी हुई। पुजारा ने इसके साथ ही शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का 28वां अर्धशतक पूरा किया। पुजारा अपनी पारी को और गति देते उससे पहले ही कमिंस ने उन्हें पगबाधा आउट कर भारत को चौथा झटका दिया। कमिंस का मैच में यह तीसरा विकेट था। पुजारा ने 211 गेंदों में सात चौकों की मदद से 56 रन बनाए। पुजारा के आउट होने के बाद पंत ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला।

पंत ने मयंक अग्रवाल के साथ साझेदारी जमाने की कोशिश की और दोनों बल्लेबाजों के बीच पांचवें विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी हुई। पंत ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और अपने करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया। पंत एक छोर से टीम को जीत की ओर अग्रसर करते रहे लेकिन कमिंस ने अपनी धारधार गेंदबाजी जारी रखी और मयंक को मैथ्यू वेड के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। मयंक ने 15 गेंदों में एक चौके की मदद से नौ रन बनाए।

एक समय ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला ड्रॉ पर खत्म होगा लेकिन पंत अपने आक्रमक खेल से टीम इंडिया को जीत दिलाने की भरपूर कोशिश करते रहे। भारत को अंत के छह ओवरों में 24 रन की जरुरत थी और उसके पास पांच विकेट शेष थे। पंत ने वाशिंगटन सुंदर के साथ चतुरताई से खेलते हुए पारी को गति देने की कोशिश की। पंत जिस तेजी से खेल रहे थे उससे साफ लग रहा था कि वह इस मुकाबले को किसी भी कीमत पर ड्रॉ पर खत्म नहीं होने देना चाहते हैं।

पंत और सुंदर के बीच छठे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी हुई। लियोन ने हालांकि सुंदर को बोल्ड कर आउट किया और भारत को छठा झटका दे दिया। सुंदर ने 29 गेंदों में 22 रन की पारी में दो चौके और एक छक्का लगाया। इसके बाद क्रीज पर शार्दुल ठाकुर उतरे लेकिन जल्द ही उन्हें हेजलवुड ने लियोन के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। ठाकुर ने दो रन बनाए।

पंत हालांकि अंत तक टिके रहे और हेजलवुड की गेंद पर चौका लगाकार उन्होंने टीम को जीत दिलाई। पंत को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और पैट कमिंस को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कमिंस ने 55 रन देकर चार विकेट, लियोन ने 85 रन देकर दो विकेट और हेजलवुड ने 74 रन देकर एक विकेट लिया।

भारत ने लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में टेस्ट सीरीज में पटखनी दी है। पिछली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में 2018-19 टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराया था। भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी लगातार तीसरी बार अपने नाम कर जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले भारत ने पिछली दोनों सीरीज जीतकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया था। 2018/19 में पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारत ने 2-1 से और इससे पहले 2016/17 में भारत ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को इतने ही अंतर से मात दी थी।

Updated : 19 Jan 2021 9:12 AM GMT
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