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टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को चाहिए जीत

टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचने के लिए चार मैचों की सीरीज में अब 2-1 या 3-1 से जीत हासिल करने की जरूरत है।

टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को चाहिए जीत
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एजेंसी

चेन्नई: भारत को आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बनाये रखने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ शनिवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे क्रिकेट टेस्ट में हर हाल में जीत हासिल करने की जरूरत होगी।

भारत चेन्नई में पहला टेस्ट 227 रन के बड़े अंतर से हार गया था और टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पहले से चौथे स्थान पर खिसक गया था जबकि इंग्लैंड की टीम चौथे से पहले स्थान पर पहुंच गयी थी। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचने के लिए चार मैचों की सीरीज में अब 2-1 या 3-1 से जीत हासिल करने की जरूरत है जबकि इंग्लैंड को फ़ाइनल में पहुंचने के लिए 3-1, 3-0 या 4-0 से जीत हासिल करने की जरूरत है। यदि यह सीरीज ड्रा रहती है तो ऑस्ट्रेलिया फ़ाइनल में पहुंच जाएगा। न्यूज़ीलैंड की टीम का फाइनल में स्थान सुनिश्चित हो चुका है।

इंग्लैंड ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 578 रन बनाकर भारत पर ऐसा दबाव बनाया था जिससे विराट की टीम अंत तक उबर नहीं पायी और 420 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच के पांचवें और अंतिम दिन 192 रन पर ढेर हो गयी। भारत को चेन्नई में ही होने वाले दूसरे टेस्ट में न केवल अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा बल्कि अपनी गेंदबाजी को भी अनुशासित करना होगा। भारत को इसके साथ ही इंग्लैंड के कप्तान जो रुट को भी काबू करना होगा जो पिछले तीन टेस्टों में 228, 186 और 218 रन सहित 684 रन बना चुके हैं।

भारत की पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा ने 73, ऋषभ पंत ने 91 और वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 85 रन बनाये थे जबकि दूसरी पारी में ओपनर शुभमन गिल ने 50 और कप्तान विराट कोहली ने 72 रन बनाये। गेंदबाजी के दृष्टिकोण से ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 61रन पर छह विकेट लिए थे। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन टुकड़ों टुकड़ों में रहा था जो जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था।

भारत को यदि दूसरे टेस्ट में जीत हासिल कर टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को बनाये रखना है तो उसे सबसे पहले अपनी गेंदबाजी को दुरुस्त करना होगा। पहले टेस्ट में भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड की पहली पारी में 20 नोबॉल सहित 45 अतिरिक्त रन दिए थे। दो भारतीय स्पिनरों ने आठ नोबॉल डाली थीं जिनमें से छह नोबॉल लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम ने डाली थीं।

बाएं घुटने की परेशानी के कारण पहले टेस्ट से बाहर रहे लेफ्ट आर्म स्पिन आलराउंडर अक्षर पटेल ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है और उनके पहले टेस्ट में खेलने की पूरी उम्मीद है। नदीम टीम से बाहर हो चुके हैं और अब उन्हें वैकल्पिक खिलाड़ियों में रखा गया है।

दूसरे टेस्ट के लिए चेन्नई में दी गयी पिच के पहले ही दिन से टर्न लेने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। पहले टेस्ट की पिच ने तीसरे दिन से टर्न लेना शुरू किया था और पांचवें दिन तो इस पर खेलना मुश्किल हो गया था। आखिरी दिन पिच की उछाल भी असमान हो गयी थी और कप्तान विराट बेन स्टोक्स की जिस गेंद पर बोल्ड हुए थे वह काफी नीची रह गयी थी।

पिच के पहले दिन से स्पिन लेने की संभावना को देखते हुए भारत के तीन स्पिनरों के साथ उतरने की उम्मीद है। अश्विन के साथ अक्षर पटेल रहेंगे जबकि तीसरे स्पिनर के लिए ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर और चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के बीच मुकाबला रहेगा। सुंदर ने हालांकि पहली पारी में नाबाद 85 रन बनाये थे लेकिन वह मैच में कोई विकेट नहीं ले पाए थे। चूंकि पटेल लेफ्ट आर्म स्पिनर होने के साथ निचले क्रम के अच्छे बल्लेबाज भी हैं इसलिए टीम प्रबंधन सुंदर की जगह कुलदीप यादव को उतार सकता है ताकि उसकी गेंदबाजी में ज्यादा विविधता रहे लेकिन बहुत कुछ पिच की अंतिम स्थिति पर निर्भर रहेगा।

बल्लेबाजी में दूसरे टेस्ट में बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है। रोहित शर्मा हालांकि पहले टेस्ट की दोनों पारियों में छह और 12 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन वह ओपनिंग में गिल के साथ उतरेंगे। रोहित के लिए यह टेस्ट किसी परीक्षा से कम नहीं होगा और यदि वह इस परीक्षा में पास नहीं होते हैं तो उन्हें तीसरे टेस्ट में बाहर बैठना पड़ सकता है। सलामी बल्लेबाजों के बाद चेतेश्वर पुजारा, विराट, अजिंक्या रहाणे और ऋषभ पंत का क्रम बना रहेगा। रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में मेलबोर्न के दूसरे टेस्ट में शतक बनाने के बाद 22,4,37,24,1,0 की परियां खेली हैं।

कप्तान विराट ने अपने उपकप्तान रहाणे की बल्लेबाजी पर पूरा भरोसा जताया है लेकिन रहाणे को बड़ा स्कोर बनाने की जरूरत है ताकि टीम का मध्य क्रम मजबूत रह सके। भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट हारने के बाद जिस तरह वापसी की थी उन्हें इस सीरीज में भी वही जज्बा दिखाने की जरूरत है।

दूसरी तरफ इंग्लैंड को दूसरा टेस्ट शुरू होने से पहले एक बड़ा झटका लगा है। उसके तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। उन्हें दायीं कोहनी में दर्द है और उन्होंने इस कोहनी में दर्द से निजात पाने के लिए इंजेक्शन लगवाया है। आर्चर ने भारत की पहली पारी में दोनों ओपनरों को निपटाया था। आर्चर इस दर्द के कारण गुरूवार को ट्रेनिंग नहीं कर पाए थे। इंग्लैंड के खेमे को हालांकि उम्मीद है कि आर्चर तीसरे टेस्ट तक ठीक हो जाएंगे।

आर्चर के बाहर हो जाने से अब उम्मीद जताई जा रही कि 38 वर्षीय जेम्स एंडरसन दूसरे टेस्ट में भी खेलेंगे। एंडरसन ने पहले टेस्ट के आखिरी दिन सुबह के सत्र में एक घातक स्पैल में तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी। पहले टेस्ट के बाद यह माना जा रहा था कि एंडरसन को विश्राम देकर उनकी जगह स्टुअर्ट ब्रॉड को खेलाया जाएगा लेकिन आर्चर के बाहर होने के बाद लगता है कि एंडरसन और ब्रॉड दोनों साथ खेल सकते हैं। आर्चर की जगह ओली स्टोन को लाया जा सकता है। स्टोन ने अपना एकमात्र टेस्ट 2019 में आयरलैंड के खिलाफ खेला था।

इंग्लैंड की टीम में एक परिवर्तन होना तय है। विकेटकीपर जोस बटलर की जगह बेन फॉक्स लेंगे। बटलर पहले टेस्ट के बाद विश्राम के लिए अपने देश लौट चुके हैं। स्पिन विभाग में ऑफ स्पिनर डॉम बेस की जगह मोईन अली को लाया जा सकता है जो श्रीलंका और यहां पहले टेस्ट तक एकादश से बाहर रहे हैं।

इंग्लैंड यदि टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए अपनी उम्मीदों को बनाये रखना चाहता है तो उसे दूसरा टेस्ट भी जीतना होगा ताकि आखिरी दो टेस्टों में एक टेस्ट जीतकर फाइनल में पहुंच जाए।

Updated : 12 Feb 2021 11:15 AM GMT
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