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कुंभ मेले में खुलेआम उड़ रहीं कोविड-19 नियमों की धज्जियां

हरिद्वार में कुंभ मेला चल रहा है, जिसमें बीते तीन दिनों में 1300 लोग कोरोना की चपेट में आए जिनमें से 18 संत-महात्माओं को भी बीमारी ने नहीं बख्शा।

कुंभ मेले में खुलेआम उड़ रहीं कोविड-19 नियमों की धज्जियां
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उदय सर्वोदय

हरिद्वार: हरिद्वार में कुंभ मेला चल रहा है, जो कोरोना का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन रहा है। कुंभ मेले में बीते तीन दिनों में 1300 लोग कोरोना की चपेट में आए जिनमें से 18 संत-महात्माओं को भी बीमारी ने नहीं बख्शा। बीते मंगलवार को 9 महात्मा संक्रमित निकले और उससे पहले भी इतने ही संत कोरोना संक्रमण का शिकार हुए। इसने इस बात को साबित कर दिया कि क्यों सरकार धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर पाबंदियां लगाती है ।

हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी शंभु कुमार झा ने गुरुवार को कहा कि यह संख्या पांच दिनों में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और अनुयायियों के किए गए आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट की है। इसमें हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक का पूरा मेला क्षेत्र शामिल है। 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या और 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के अवसर पर आयोजित दो शाही स्नान में हिस्सा लेने वाले 48.51 लाख लोगों ने खुलेआम कोविड-19 नियमों की धज्जियां उड़ाईं। इस दौरान किसी ने भी न ता मास्क लगाया था और न ही कोई सोशल डिस्टेंसिंग का ही पालन कर रहा था। अपने प्रयासों के बावजूद, पुलिस समय की कमी के कारण दो प्रमुख स्नान दिवस पर हर की पौड़ी घाट पर अखाड़ों और तपस्वियों के ऊपर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू नहीं कर सकी।

हरिद्वार में बीते तीन स्नानों पर 49,31,343 संत और श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। इनमें 1854 श्रद्धालु, संत और मेले से जुड़े कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। कोविड के साए में कुंभ आयोजन के साथ स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल उठने पर मेला पुलिस ने बुधवार को आंकड़े जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक मकर संक्रांति से लेकर मेष संक्रांति के शाही स्नान तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई।

एक अप्रैल से कुंभ अधिसचूना जारी है और अवधि 30 अप्रैल तक है। इस बीच कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भीड़ बढ़ने के साथ संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मेष संक्रांति का शाही स्नान कुंभ का सबसे बड़ा स्नान सकुशल संपन्न हो गया है। अब रामनवमी और 27 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का शाही स्नान होना है। 27 को चैत्र पूर्णिमा स्नान में सिर्फ बैरागी स्नान करते हैं । इन दिनों के शाही स्नान में भी इतनी ही संख्या में भीड़ इकठ्ठा होगी।


Updated : 2021-04-15T19:45:19+05:30
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Shivani

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