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2019 चुनाव ‘मोदी बनाम बवाल’ होगा या ‘मोदी बनाम अराजकता’

2019 चुनाव ‘मोदी बनाम बवाल’ होगा या ‘मोदी बनाम अराजकता’
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नई दिल्ली (उदय सर्वोदय स्टाफ) : केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कोलकाता में जारी हंगामे पर फेसबुक पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस तरह के बर्ताव का मकसद क्या है? अपने धरने में शामिल होने के लिए दूसरे नेताओं को निमंत्रण देने के पीछे उनकी रणनीति क्या है? अगर हम यह समझ रहे हैं कि उन्होंने यह सब सिर्फ इसलिए किया कि एक पुलिसवाले के खिलाफ जांच हो रही है तो हम गलत समझ रहे हैं. दरअसल इसके पीछे उनका मकसद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में खुद को पेश करना है.’अरुण जेटली ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘अधिक महत्वपूर्ण है जिन्होंने पश्चिम बंगाल के धरने को समर्थन दिया है, वे लोग जो आर्थिक गड़ेबड़ियों, आपराधिक के और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप से जूझ रहे हैं. क्या ‘नया भारत’ कभी भी इस क्लेप्टोक्रेट क्लब द्वारा चलाया जा सकता है? सबसे महत्वपूर्ण है कि एक क्लेप्टोक्रेट क्लब अब भारत के शासन पर कब्जा करने की इच्छा रखता है.’ उन्होंने आगे लिखा कि2019 चुनाव या तो मोदी बनाम बवाल होगा या फिर मोदी बनाम अराजकता. ये ममता बनर्जी के नवीनतम ‘नट की कला’ के सबसे अच्छे सबूत हैं.अरुण जेटली ने बंगाल के बहाने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और लिखा कि कांग्रेस का पहला परिवार, जहां अधिकांश सदस्य जमानत पर हैं. विपक्ष का एक गैर वैचारिक छोटा-सा गठबंधन भारत के लिए आपदा है. जेटली ने लिखा कि जब ममता बनर्जी ने धरने पर बैठने का फैसला किया तो उसने कई विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त किया जो सत्ता में होने की आकांक्षा रखते हैं.जेटली ने लिखा कि यह मान लेने में एक बड़ी गलती होगी कि ममता बनर्जी ने एक पुलिस अधिकारी से संबंधित एक रूटीन जांच की वजह से यह सब किया था. उन्होंने इसे उच्चतम कार्यालय के लिए अन्य विपक्षी उम्मीदवारों से डिफ़ोकस किया और स्वयं को भारत के विपक्ष के केंद्र के रूप में प्रोजेक्ट किया.

Updated : 5 Feb 2019 5:26 AM GMT
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