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कारोबार जगत के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिया अहम् फैसला

कारोबार जगत के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिया अहम् फैसला
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गोवा, ब्यूरो | 20 सितंबर, 2019. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गोवा में जीएसटी काउंसिल की बैठक में शामिल हुई । जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म होने के बाद वित्त मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ऐसे-ऐसे ऐलान किए, जिसे सुनकर देश के बड़े-बड़े कारोबारियों को तो राहत मिली ही, उसका असर आम आदमी पर भी देखने को मिला । निर्मला सीतारमण ने किसके लिए क्या ऐलान किए और उसका हमारी-आपकी जेब की सेहत पर क्या असर पड़ेगा !

वित्त मंत्री ने कहा कि जो घरेलू कंपनियां हैं यानी कि जो अपने देश की कंपनियां हैं, उनपर लगने वाला कॉरपोरेट टैक्स घटा दिया गया है। पहले ये टैक्स 30 फीसदी था, जिसे घटाकर 22 फीसदी कर दिया गया है। सरचार्ज और सेस लगाकर पहले टैक्स 34.94 फीसदी हो जाता था और अब ये टैक्स 25.17 फीसदी हो जाएगा। मतलब ये है कि अगर कोई कंपनी पहले 100 करोड़ रुपये कमाती थी, तो उसे सरकार को 34.94 करोड़ रुपये का टैक्स देना पड़ता था। अब उस कंपनी को 25.17 करोड़ रुपये ही टैक्स के तौर पर देने पड़ेंगे. अगर कोई कंपनी नई है, तो उसे 15 फीसदी का टैक्स देना पड़ेगा। सेस और सरचार्ज मिलाकर ये टैक्स 17.5 फीसदी हो जाएगा। पहले नई कंपनियों को कुल मिलाकर 29.12 फीसदी का कॉरपोरेट टैक्स देना पड़ता था। ये नया टैक्स सिस्टम 1 अप्रैल, 2019 से लागू होगा, और चूंकि ऐलान सितंबर में हुए हैं, तो जिन कंपनियों ने पुरानी दर पर एडवांस टैक्स का भुगतान किया है, उन्हें वो पैसे वापस मिल जाएंगे। नई कंपनियों पर लगने वाला कॉरपोरेट टैक्स उन कंपनियों पर लागू होगा, जो 1 अक्टूबर, 2019 के बाद स्थापित होंगी। इस फैसले से क्या होंगे फायदे और क्या होंगे नुकसान ?

कॉरपोरेट टैक्स में छूट मिलने से सबसे बड़ा नुकसान सरकार को होगा। टैक्स में कमी आने की वजह से केंद्र सरकार को हर साल कम से कम 1.45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन इसके फायदे भी हैं, जो सीधे आम आदमी से जुड़े हैं साथ ही इससे नौकरियां जाने का खतरा कम हो जाएगा। कंपनियों के पास पैसे बचेंगे, तो वो अपने इम्प्लाई पर खर्च कर सकेंगी। अगर नौकरियां बनी रहेंगी, तो लोग खरीदारी करेंगे। इससे बाजार में डिमांड और सप्लाई के बीच संतुलन बना रहेगा। नौकरियां बनी रहेंगी तो लोग घर भी खरीद पाएंगे। कॉरपोरेट टैक्स घटने का फायदा बैंकों को भी होगा। कंपनियों पर लगा टैक्स घटा है, तो इस बात की उम्मीद है कि कंपनियां बैंकों से लिए गए कर्ज को वापस कर देंगी। अगर बैंकों के पास कर्ज का पैसा वापस आ जाएगा, तो वो और नए कर्ज बांट सकेंगी। इससे रोजगार बढ़ेगा और जब रोजगार बढ़ेगा तो बाजार में नकदी भी बढ़ेगी। अगर कॉरपोरेट टैक्स घटेगा, तो कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा और जब कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा, तो ये कंपनियां अपने प्रोडक्ट की कीमत में कमी भी कर सकती हैं। मतलब ये है कि सामान सस्ते हो सकते हैं। दीवाली का त्योहार नज़दीक आ रहा है, तो इससे उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में सामान पर बंपर छूट भी मिल सकती है।

Updated : 21 Sep 2019 8:35 AM GMT
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