‘भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है मसूद अजहर’

नई दिल्ली (एजेंसी) : भारत की लगातार कोशिशों के बाद बुधवार को जैश ए मोहम्मद सरगनामसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जा सकता है. हालांकि इस मामले में चीन की तरफ से एक बार फिर अड़ंगा डाले जाने की आशंका है.

भारत की इस मुहिम में अमेरिका भी साथ है. अमेरिका की ओर से बयान में कहा गया है, ‘जैश-ए-मोहम्मद के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद उसका सरगना है. ऐसे में उसे भी ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए. मसूद अजहर भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा है’ अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए. अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो सकता है.

बता दें कि पिछले दिनों जारी नोटीफिकेशन में कहा गया था कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से आतंकवादी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी की सूची में शामिल करने और अलकायदा को प्रतिबंधित सूचि में शामिल करने का प्रस्ताव मिला है. सुरक्षा परिषद का एक अन्य स्थायी सदस्य रूस भी इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा. मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की कवायद के बीच पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ तनाव कम करने के लिए जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर पर कार्रवाई करने का फैसला किया था. जिसके तहत पाकिस्तान ने कुछ आतंकवादी ठिकानों और मदरसों को कब्ज़े में ले लिया था.

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में मसूद के खिलाफ ये प्रस्ताव फ्रांस ने रखा था, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने इसका समर्थन किया था. इन तीनों देशों ने कारण भी बताया है कि मसूद अज़हर को क्यों अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया जाना चाहिए. रूस इसमें पार्टी न होने के बावजूद इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा. रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य है.

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