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‘रौनियार’ जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

‘रौनियार’ जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
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रिपोर्ट ¦ संतोष कुमार नई दिल्ली : ‘अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा’ ने ‘रौनियार’ जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने को लेकर केन्द्र सरकार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए.बता दें कि इस सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत गुप्ता एवं महासचिव राजेंद्र रंजन गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप राज्यपाल अनिल बैजल को ज्ञापन देकर ‘रौनियार वैश्य’ जाति को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करके शिक्षा व नौकरी की क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की थी. इस मांग पर दिल्ली सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया था. फिर बाद में उसने इस मांग को पूरा किया.हेमंत गुप्ता ने बताया कि रौनियार जाति की पूरे देश में 2.50 करोड़ की आबादी है. इसके बावजूद यह जाति सरकारी एवं राजनैतिक लाभ से वंचित है इसलिए हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि हमारे समाज को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करके शिक्षा और नौकरी के क्षेत्र में 27 परसेंट आरक्षण देने का काम करे ताकि हमारे समाज के लोगों का भी उत्थान हो सके.जंतर-मंतर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने में प्रमुख योगदान देने वाले दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के लौकहा विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी दिनेश गुप्ता ने बताया, रौनियार वैश्य जाति के लोग अपने घर परिवार की जीविका और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए अभी भी घर-घर जाकर, फेरी लगाकर, हाथों से बनी चीजों और घरेलू सामान बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं.’दिनेश गुप्ता ने कहा कि हमारे समाज के लोग देश में न सिर्फ सामाजिक, बल्कि शैक्षणिक, राजनैतिक, व्यवसायिक एवं आर्थिक रूप से बहुत ही कमजोर हैं इसलिए केंद्र सरकार हमारी मांग को अविलंब पूरा करे, नहीं हम उसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करेंगे.

Updated : 4 March 2019 12:38 PM GMT
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