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'ढाई आदमी' और मीडिया देश को बर्बाद करना चाहते हैं : अखिलेश यादव

ढाई आदमी और मीडिया देश को बर्बाद करना चाहते हैं : अखिलेश यादव
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लखनऊ (ब्यूरो रिपोर्ट) : यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सभी भारतीयों के नाम एक खुला खत लिखा है. उन्होंने लिखा- ‘मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं, क्योंकि ढाई आदमी और मीडिया मिलकर इस देश को बर्बाद करना चाहते हैं. इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे संप्रभु, समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य की रक्षा करना मेरा भी कर्तव्य है. आज बंगाल पर जो हमला हुआ है वह सिर्फ हमारे मूल्यों पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे संविधान के संस्थापकों पर भी हमला है. भाजपा का संविधान में विश्वास नहीं है. इसलिए उसने और उसकी सहयोगी संस्था आरएसएस ने संविधान का हमेशा विरोध किया है.' अखिलेश यादव ने ये पत्र अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया है. यहां पढ़ें उनका पूरा पत्र... https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1092723699973791744अखिलेश ने लिखा- ‘आज भाजपा हमारे युवाओं को चंद उद्योगपतियों के हाथों बेच रही है, ये वही उद्योगपति हैं जिन्हें फायदा पहुंचाने के लिए यह सरकार सारे नियम बनाती है. पिछले 45 सालों में बेरोजगारी अपने चरम पर है, वहीं पर अल्पसंख्यक वर्ग इस डर के साए में जी रहा है कि कब वह मॉब लिंचिंग का शिकार बन जाए या भाजपा आईटी सेल द्वारा फैलाए जा रहे अफवाह का शिकार बन जाए. पिछले 24 घंटों में यह साफ हो गया है कि जो लोग इनके साथ नहीं हैं, उनको सीबीआई के चक्कर में फंसाओ. उन पर देशद्रोह का आरोप लगाओ. ऐसा करके ये लोग अगले 50 सालों तक राज करना चाहते हैं.’ये भी पढ़ें... संगम की धारा में अखिलेश यादव का संकल्प अखिलेश ने मोदी सरकार को ढाई आदमियों की सरकार करार दिया और कहा कि हमें इस देश को चलाने के लिए एक मजबूत आदमी चाहिए, पर हमारे प्रधानमंत्री में ऐसे कोई गुण नहीं हैं, जैसा कि इनके अपने मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि ‘जो अपना घर नहीं चला सकता वह देश क्या चलाएगा.’ये भी पढ़ें...साधु-संतों, राम-सीता और रावण को भी पेंशन दें योगी : अखिलेश अखिलेश ने पत्र में लिखा- ‘ममता बनर्जी पर हमला करके ये ढाई आदमी शायद अपने अतीत को भूल गए हैं. ये वो महिला हैं जिन्हें ज्योति बसु के ऑफिस से बाल पकड़ कर बाहर निकाला गया था, क्योंकि वे एक बलात्कारी को जेल भेजने की मांग कर रही थीं. ये वो महिला हैं, जिन्होंने बंगाल से कम्युनिस्ट पार्टी को उखाड़ फेंका. ये वे महिला हैं, जो किसानों के हित के लिए उद्योगपतियों के सामने डट कर खड़ी हो गई थीं.’ये भी पढ़ें...‘नीट’ में आरक्षण के लिए अखिलेश ने लिखा जावड़ेकर को पत्र अखिलेश ने आगे लिखा- ‘मुझे लगता है कि समय आ गया है कि जब हम सभी को राजनीति, जात-पात और धर्म को छोड़कर इस बात से सहमत होना चाहिए कि हमें एक सशक्त सरकार की जरूरत है. मैं सबका आह्वान करता हूं कि सीबीआई, आईएएस, आईपीएस अपने ऊपर हो रहे राजनीतिक हमलों का विरोध करें. जो लोग मीडिया में काम कर रहे हैं वे बिना डर के अपनी बात रखें. हो सकता है कि आप मुझसे असहमत हों, पर आप अपना वोट उसे ही दें जो आप का प्रतिनिधित्व कर सकें.’

Updated : 6 Feb 2019 6:47 AM GMT
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