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पी. चिदंबरम के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे केद्रीय गृहमंत्री शाह

पी. चिदंबरम के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे केद्रीय गृहमंत्री शाह
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दिल्ली, ब्यूरो | नेटग्रिड यानी नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड. NATGRID को शुरू करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 12 सितंबर को मीटिंग हुई। गृहमंत्री अमित शाह को सीनियर अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन दिया। मीटिंग में चर्चा हुई कि साइबर सिक्योरिटी को कैसे और मजबूत किया जाए। सभी सुरक्षा बल इंटेलिजेंस विंग से कैसे कोआर्डिनेट करेंगे इसकी जानकारी दी गई। नेटग्रिड प्रोजेक्ट कभी पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ करता था। चिदंबर इस समय आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में हैं। नवंबर 2018 में पूर्व गृहमंत्री ने पीएम मोदी से नेटग्रिड की स्थिति बताने को कहा था। उन्होंने पूछा था कि नेटग्रिड की कल्पना 10 साल पहले की गई थी, लेकिन अब तक यह अमल में क्यों नहीं आई।

भारत में नेटग्रिड का विचार 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद आया। कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी ने जून 2011 में इसे मंजूरी दी। नेटग्रिट बनने के बाद देश की 11 जांच एजेंसियां किसी संदिग्ध व्यक्ति से जुड़ी हर तरह की जानकारी तुरंत जान सकेंगी। जांच एजेंसियों की पहुंच भारत के किसी भी नागरिक से जुड़े 21 तरह के डेटाबेस तक हो सकती है। इसमें उसकी रेल या हवाई यात्रा, इनकम टैक्स, बैंक अकाउंट डिटेल, क्रेडिट कार्ड के लेनदेन, वीजा, इमिग्रेशन और अन्य सूचनाएं हो सकती हैं। जरूरत पड़ने पर नाम-पते से लेकर उसकी पिछली गतिविधियों के सारे डिटेल निकाले जा सकते हैं। 12 सितंबर को हुई मीटिंग में नेटग्रिड से सोशल मीडिया अकाउंट को भी लिंक करने की चर्चा हुई। मोदी सरकार ने 2016 में अशोक पटनायक को नेटग्रिड का सीईओ नियुक्त किया। वो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दामाद हैं। गुजरात कैडर के 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। दिल्ली में एजेंसी का दफ्तर लगभग तैयार हो चुका है। काम खत्म करने की डेडलाइन दिसंबर तक रखी गई है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी कारण से देरी होती है तो मार्च तक हर हाल में प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा।

Updated : 13 Sep 2019 7:36 AM GMT
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