अमेरिका ने 74 साल पहले आज के दिन हिरोशिमा पर गिराया था परमाणु बम

अमेरिका, एजेंसी। आज ही के दिन अमेरिका ने 1945 में मानव इतिहास के सबसे बड़े नरसंहार करने वाले परमाणु बमों का इस्तेमाल किया था। अमेरिका परमाणु बम का प्रयोग करने वाला दुनिया का एक मात्र देश है। जापान के शहर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने के 74 साल पूरे हो गए. हैं।

इस परमाणु हमले में हिरोशिमा में 1,40,000 और नागासाकी में 74,000 लोग मारे गए थे। अमेरिका ने हिरोशिमा हमले के तीन दिन बाद 9 अगस्त को नागासाकी पर भी परमाणु बम से हमला किया था। इस परमाणु हमले में जापान पूरी तरह तबाह हो गया था और इस दर्द की कराह से जापान आज भी नहीं उभरा है।

9 अगस्त 1945 की सुबह जापान के लोग आम दिनों की तरह ही उठे थे लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि उनके साथ जो होने वाला है। उसे युगों-युगों तक नहीं भुला जाएगा इस हमले से पहले हिरोशिमा के आसमान पर जापानी सैनिकों को लड़ाकू विमान नजर आए थे जिसके बाद सारे रडार अलर्ट कर दिए गए थे लेकिन फिर कुछ समय बाद आसमान साफ हो गया और लड़ाकू विमान गायब हो गए। जिसके बाद जापानियों को लगा कि सब शांत है लेकिन कुछ ही देर बाद आसमान से एक काली चीज तेजी से जमीन की तरफ बढ़ती नजर आई ये काली चीज एक परमाणु बम था। इसके बाद इसी तरह से नागासाकी परमाणु हमले में को भी अंजाम दिया गया था।

अमेरिकी सेना ने विमान से लिटिल ब्वॉय नाम के जिस परमाणु बम को गिराया गया था उसका का वजन 9700 पाउंड (4400 किलोग्राम) और लंबाई 10 फुट 28 इंच था. इस बम में 6.4 किलोग्राम प्‍लूटोनियम था। जब यह परमाणु बम जमीन पर गिरा तो लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी पैदा हुई थी जिससे कई किलोमीटर तक लोग भाप बनकर उड़ गए थे और इस हमले के बाद जापान में सिर्फ और सिर्फ मातम पसर गया था।

कहा जाता है कि अमेरिका हिरोशिमा और नागासाकी पर तीसरे परमाणु हमले की तैयारी में भी था जिसके लिए अमेरिका ने 19 अगस्‍त का दिन चुना था। लेकिन उससे पहले जापान ने 14 अगस्‍त को आत्मसमर्पण कर दिया।

बता दें कि अमेरिका ने पर्ल-हार्बर पर हमले का जापान से खौफनाक बदला लिया था। अमेरिका और जापान में दक्षिण-पूर्व एशिया के द्विपीय देशों में उपनिवेशवाद के मसले पर ठन गई थी। वैसे तो दोनों देश विश्व युद्ध के दौरान एक पक्ष में थे लेकिन जापान शत्रु और अमेरिका मित्र देशों के साथ लड़ाई लड़ रहा था उसी समय जापान ने अमेरिका के महत्वपूर्ण बंदरगाह पर्ल-हार्बर पर अपने एयर फोर्स को भेज कर भीषण हमला कराया था।
जापान के इस हमले में हजारो अमेरिकी मारे गए थे और अमेरिकी जंगी जहाजों को भी काफी नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद अमेरिका बौखला गया और उसने जापान से बदला लेने की प्लानिंग शुरू कर दी और इस प्लानिंग के पूरा आरकलन हो जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन जापान पर परमाणु बम से हमला करने का आदेश किया था।

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