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योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया, किसानों की नाराजगी दूर करने की कोशिश

वित्त मंत्री ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये 5 लाख 50 हज़ार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट पेश किया।

योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया, किसानों की नाराजगी दूर करने की कोशिश
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उदय सर्वोदय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये 5 लाख 50 हज़ार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट पेश किया। यह सूबे के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट के जरिए योगी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ-साथ उनके लिए कई योजनाओं की सौगात दी है। इसमें किसानों को मुफ्त पानी व पांच लाख का बीमा करने जैसे प्रावधान हैं।

योगी सरकार के मौजूदा कार्यकाल के पांचवे और अंतिम बजट को सदन के पटल पर पेश करते हुये खन्ना ने कहा कि 2020-21 में बजट 5.12 लाख करोड़ रुपये का था जिससे यह बजट करीब 38 हज़ार करोड़ रूपये ज्यादा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3.84 लाख करोड़ का बजट था। 2018-19 में 4.28 लाख करोड़ का बजट था। 2019-20 में 4.79 लाख करोड़ का बजट था।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सूबे की योगी सरकार ने किसानों की आय को साल 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना चलाई जाएगी। इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है। किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए बजट में 700 करोड़ रुपये मुहैया कराने का प्रस्तािव रखा गया है।

योगी सरकार ने सूबे में रियायती दरों पर किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराए जाने हेतु अनुदान के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 हजार सोलर पम्पों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. किसानों के लिए 5 लाख का बीमा, बंटाई किसान भी योजना में शामिल है।

गन्ना किसानों को लेकर वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले चार सालों में सरकार ने गन्ना किसानों के 1 लाख 23 हजार करोड़ रुपये के रेकॉर्ड मूल्य का भुगतान कराया गया है। इसके अलावा प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों में गौ आश्रय स्थलों के विकास के लिए स्थानीय सहभागिता तथा स्वैच्छिक संगठनों की सहभागिता प्राप्त की जायेगी तथा ब्रीड इम्प्रूवमेन्ट कार्यक्रम को भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।

यूपी सरकार के बजट की खास बातें-

  • योगी सरकार के इस कार्यकाल का ये अंतिम पूर्ण बजट है, जो कि 5 लाख 50 हज़ार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का है।
  • प्रदेश में किसानों को सस्ता लोन देने के लिए 400 करोड़ रुपये, किसानों को खेती के लिए मुफ्त पानी देने के लिए 600 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया।
  • अयोध्या स्थित सूर्यकुण्ड के विकास सहित अयोध्या नगरी के सर्वांगीण विकास की योजना के लिए 140 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा अयोध्या होगा। एयरपोर्ट के लिए अलग से 101 करोड़ रुपये का ऐलान।
  • लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण होगा, 50 करोड़ रुपये आवंटित।
  • कानपुर मेट्रो रेल परियोजना की अनुमोदित लागत 11,076 करोड़ रूपये है। इस बजट में 597 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • जेवर एयरपोर्ट में हवाई पट्टियों की संख्या 02 से बढ़ाकर 06 करने का निर्णय, 2000 करोड़ का ऐलान।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं को युवाओं को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है, इसके लिए छात्र-छात्राओं को टैबलेट भी दिए जाएंगे।
  • मेरठ में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाया जाएगा, ग्रामीण क्षेत्रों में ओपन जिम बनाए जाएंगे। प्रदेश के 19 जनपदों में कुल 40 छात्रावास बनाए जाएंगे।
  • मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना लाई जा रही है, जिससे श्रमिकों को मदद की जाएगी। महिला श्रमकों को बराबरी की दिहाड़ी दिलाने के लिए सलाहकार कमेटी बनाई गई है। प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे, जहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
  • कोरोना टीकाकरण के लिए 50 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जबकि आयुष्मान भारत के लिए 13 करोड़ रुपये। प्रदेश के PPP मॉडल से मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।
  • दिल्ली-मेरठ RRTS के लिए 1326 करोड़ रुपये, गोरखपुर-वाराणसी मेट्रो के लिए 100-100 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • प्रदेश के कलाकारों को यूपी गौरव सम्मान दिया जाएगा, इसके लिए 11 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। अलग स्तर पर एक पेंशन व्यवस्था का ऐलान किया गया है।
  • वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजनान्तर्गत 3100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर तथा सामान्य वर्ग की छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 1430 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • लखनऊ में उत्तर प्रदेश जनजातीय संग्रहालय के निर्माण हेतु 08 करोड़ रुपये तथा शाहजहांपुर में स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय की वीथिकाओं के लिये 04 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव।
  • चौरी-चौरा कांड के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव जो पूरे वर्ष चलेगा के लिये 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
  • सैनिक स्कूल मैनपुरी, झांसी एवं अमेठी के अवशेष कार्यों को पूर्ण कराने तथा जनपद गोरखपुर में 01 नवीन सैनिक स्कूल का निर्माण कार्य कराने हेतु 90 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
  • प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 हजार सोलर पम्पों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दरअसल, योगी सरकार के इस कार्यकाल का आखिरी बजट है। यही वजह रही कि योगी सरकार बजट के जरिए किसानों की नाराजगी को दूर करने की कवायद करती दिखी है। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर पिछले तीन महीने से किसानों का आंदोलन जारी है। किसानों के गुस्से का अब पश्चिम यूपी के इलाकों में बीजेपी नेताओं को भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में योगी सरकार ने बजट के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ-साथ उनके लिए कई योजनाओं की सौगात दी है। देखना यह है कि सरकार की इस लोकलुभावनी घोषणाओं से किसानों का गुस्सा कम होता है कि नहीं?

Updated : 22 Feb 2021 9:51 AM GMT
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Uday Sarvodaya

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